भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव पर रविवार को गिरनार पीठाधीश, कर्मयोगी, क्षुल्लक रतन समर्पण सागर के सानिध्य में रथयात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे के साथ रथयात्रा में सभी श्रद्धालु नाचते-गाते रहे। समर्पण सागर ने भगवान महावीर के 2550वें निर्वाण वर्ष पर चांदी का सिक्का जारी किया।
रथयात्रा के शुभारंभ के लिए भगवान के सहचरों, श्रीजी के ख्वासी, सारथी, कुबेर, सौधर्म इंद्र, ईशान इंद्र का चयन किया गया। श्रीजी की भव्य रथ यात्रा श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन से शुरू होकर तीर्थंकर महावीर चौक, झंडा बाजार, अखाड़ा बाजार, मोती बाजार, पलटन बाजार, घंटाघर, दर्शन लाल चौक, पंचायती मंदिर, चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर, डिस्पेंसरी रोड, धामावाला, राजा रोड से गांधी रोड होते हुए वापस जैन भवन पर संपन्न हुई। रथ यात्रा का संचालन जैन मिलन पारस की ओर से किया गया। श्रीजी की आरती के बाद अभिषेक किया गया। शाम सात बजे भगवान महावीर स्वामी का पालना कार्यक्रम जैन धर्मशाला मंदिर में हुआ।
कार्यक्रम में जैन समाज के अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री राजेश जैन, सुनील जैन, मनोज जैन, नरेश चंद जैन, सचिन जैन, उत्सव समिति संयोजक संदीप जैन, अमित जैन, अर्जुन जैन, अशोक जैन, प्रमोद जैन, सुरेश जैन, राजीव जैन, गौरव जैन, बीना जैन आदि उपस्थित रहे।
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स्वास्थ्य शिविर के साथ हुआ फल वितरण
कार्यक्रम की मीडिया संयोजक मधु जैन ने बताया कि सुबह आठ बजे जैन मिलन देहरादून के तत्वावधान में दून अस्पताल में फल वितरण किया गया। साथ ही सुबह नौ बजे से स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण शिविर का आयोजन श्री मनोहर लाल जैन धर्मार्थ होम्योपैथिक चिकित्सालय की ओर से किया गया। प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के रथ पर ख्वासी का सौभाग्य चिराग जैन ध्रुव जैन को, कुबेर बनने का सौभाग्य अरुण जैन को, सारथी बनने का सौभाग्य बिजेंद्र जैन, पंकज जैन, इंद्र बनने का सौभाग्य हर्ष जैन, आशीष जैन को और आरती करने का सौभाग्य उदित जैन को प्राप्त हुआ।