स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति का जिम्मेदार जल संस्थान शहरवासियों के स्वास्थ्य के साथ खूब खिलवाड़ कर रहा है। शहर में एक और ओवरहेड टैंक की एक साल से सफाई नहीं की गई। इसी से करीब दो हजार घरों में पीने का पानी भेजा जा रहा है। शहर के पॉश इलाकों जीएमएस रोड, विजय पार्क और महेंद्र विहार में जलापूर्ति करने वाले टैंक के प्रति ऐसा रवैया है तो दूसरी जगहों के टैंक की क्या दशा होगी।
चकराता रोड स्थित विजय पार्क में बने 500 किलोलीटर यानी 5,00,000 लीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक की सफाई के प्रति जल संस्थान उदासीन है। पिछले साल दो अप्रैल को इसकी सफाई की गई थी। नियमानुसार, अक्तूबर में भी सफाई की जानी चाहिए थी। उसके बाद इस साल अप्रैल में फिर सफाई होनी चाहिए। यानी जिस टैंक की अब तक तीन बार सफाई की जानी चाहिए उसे सिर्फ एक बार साफ किया गया। पॉश इलाकों में रहने वाले दो हजार परिवारों को मजबूरन इसी पानी का उपयोग करना पड़ रहा है।
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छह महीने में होनी चाहिए सफाई
नियम के मुताबिक ओवर हेड टैंकों की सफाई हर छह महीने में की जानी चाहिए। इसके तहत साल की पहली सफाई गर्मी शुरू होने से पहले और दूसरी बार सर्दी की शुरुआत से पहले करनी चाहिए। गर्मी की शुरुआत हो चुकी है और इस ओवर हेड टैंक की सफाई नहीं हुई है।
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मतदान के दिन दूसरी जगहों के लोगों ने भी पीया पानी
मतदान के दिन विजय पार्क में बने ओवर हेड टैंक के कार्यालय को पोलिंग बूथ बनाया गया था। यहां पर सैकड़ों लोग मतदान करने पहुंचे। कई लोगों ने पानी भी पीया। ये लोग उन जगहों के भी थे जिन क्षेत्रों में इस टैंक से पानी की सप्लाई नहीं की जाती। यानी दूसरी जगहों के लोगों को भी गंदा पानी पीना पड़ा।
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गंदे पानी से उल्टी, दस्त और त्वचा की समस्या
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी मेडिसिन के इंचार्ज असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि स्वच्छ पेयजल न पीने वाले के पेट में इन्फेक्शन हो सकता है। इसके अलावा उल्टी, दस्त, डायरिया और त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
ठेकेदार ने कहा- न छापें खबर
इस टैंक की सफाई के संबंध में अमर उजाला की ओर से ठेकेदार से बात की गई। इस पर संबंधित ठेकेदार ने अमर उजाला को तब की पुरानी फोटो दिखाई जब ओवर हेड टैंक की सफाई की गई थी। ठेकेदार ने इस खबर को प्रकाशित न करने के लिए पहले निवेदन किया फिर दबाव भी डाला।
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उत्तराखंड जल संस्थान के महाप्रबंधक डीके सिंह ने कहा कि ओवर हेड टैंक की सफाई हर छह महीने में की जानी चाहिए। विजय पार्क वाले ओवर हेड टैंक की सफाई करवाई जाएगी।