पक्षी प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। हरिद्वार के पास झिलमिल झील (कंजरवेशन रिजर्व) में गाना गाते हुए दुर्लभ और संकटग्रस्त ब्रिस्टल्ड ग्रास बर्ड रिपोर्ट हुई है। मुख्य वन संरक्षक इंटेलीजेंस एवं पक्षी विशेषज्ञ ने इसे देखे जाने की पुष्टि की है।
संकटग्रस्त है यह प्रजाति
ब्रिस्टल्ड ग्रास बर्ड दलदल और ऊंची घास वाले इलाके में पाई जाती है। यह बहुत मुश्किल से ही दिखाई देती है।
बीते सालों में इसकी संख्या में कमी आई है, जिस कारण इसे संकटग्रस्त करार दिया गया है। सालों बाद यह पक्षी प्रदेश में दूसरी बार रिपोर्ट हुई है।
गाने जैसी होती है इसकी आवाज
मुख्य वन संरक्षक इंटेलीजेंस धनंजय मोहन हाल में अध्ययन और निरीक्षण के लिए झिलमिल झील गए थे। सीसीएफ धनंजय मोहन कहते हैं कि यहां ब्रिस्टेल्ड ग्रास बर्ड की खूबी आवाज उन्होंने सुनी, जो गाने जैसा अहसास देती है।
उन्होंने बताया कि जुलाई-अगस्त ही इस पक्षी का प्रजननकाल होता है, जब आवाज सुनाई देने के साथ उसके दिखने की संभावना ज्यादा होती है।
कार्बेट में दिखी थी सालों पहले
इससे पहले प्रदेश में सालों पहले केवल एक बार यह बर्ड कार्बेट पार्क में रिपोर्ट हुई थी। विशेषज्ञ मनोज शर्मा ने ढिकाला के पास पक्षी को पहली बार देखा था। यह पक्षी नमी, दलदली और ऊंची घास वाले इलाके में ही पाया जाता है।
झिलमिल झील का एरिया- 37.8 स्क्वायर किमी है।
झील में ऊंची घास वाले में स्ट्रेएटड ग्रास बर्ड, स्ट्रेक्टड वीवर, सिनेमोन बिर्ट्रन आदि पक्षी समेत स्वैम्प डियर मिलते हैं।