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...तो 1500 साल पुरानी हैं खुदाई में मिली दुर्लभ मूर्तियां, जांच में जुटी पुरातत्व विभाग की टीम

Sun, 10 Mar 2019 12:58 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क/अमर उजाला, बाजपुर
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बाजपुर में खुदाई में निकली मूर्तियां - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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देहरादून से पहुंची केंद्रीय पुरातत्व विभाग की टीम ने एक पखवाड़े पहले गोबरा नंबर आठ बैंतखेड़ी में दाबका किनारे खनन के दौरान मिली प्राचीन मूर्तियों और मंदिर के अवशेषों की पड़ताल की।

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शनिवार को पुरातत्व टीम ने प्राचीन मूर्तियों और मंदिर अवशेषों को देखकर गुप्त काल के होने की बात कही। टीम ने बताया कि मूर्तियों के अवशेष 1500 साल पुराने हो सकते हैं। इधर टीम के पहुंचने पर कोसी नदी के खनन क्षेत्र में खनन करने वाले कारोबारियों में खलबली मच गई।

 

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500 साल पुरानी हैं खुदाई में मिली दुलर्भ मूर्तियां - फोटो : अमर उजाला
23 फरवरी को बैंतखेड़ी क्षेत्र में दाबका किनारे खनन के दौरान 18 प्राचीन मूर्तियों और मंदिर अवशेषों के मिलने पर हड़कंप मच गया था। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने इन अवशेषों को बन्नाखेड़ा पुलिस चौकी में सुरक्षित रखवाया था।

25 फरवरी को अल्मोड़ा से पहुंची पुरातत्व विभाग टीम ने मूर्ति अवशेषों को नौवीं सदी का होने की बात कही थी। शनिवार को केंद्रीय पुरातत्व विभाग देहरादून के प्रतिनिधि डॉ. राजीव पांडे टीम के साथ पहुंचे।

मूर्तियों के अवशेष मिलने वाले स्थल पर मिली ईंट को देखते ही डॉ. पांडे ने कहा कि मूर्तियों और मंदिर के अवशेष गुप्त काल के हो सकते हैं। उस समय लोग नदी किनारे मंदिर बनाते थे।
 
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बाजपुर में खुदाई में निकली मूर्तियां - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उन्होंने शिव मंदिर होने की बात कही है। डॉ. पांडे ने मूर्तियों के अवशेष स्थल के इर्दगिर्द तीन किमी तक सर्वे कर खोजबीन करने की बात कही है। पुरातत्व टीम बन्नाखेड़ा में डेरा डाले हुए है। टीम में डॉ. पीएस राणा, बीएस हर्बोला शामिल हैं।

सहारनपुर में भी मिली पुरानी ईंट
जनवरी में यूपी के सहारनपुर के लोधीपुरा क्षेत्र में भी बहुत पुरानी ईंट मिली है। वहां जाकर भी सर्वेक्षण किया था, जिसकी जांच पड़ताल चल रही है। बाजपुर में मिली ईंट भी सहारनपुर में मिली ईंट से मिलती जुलती लगती है।
डॉ. राजीव पांडे, पुरातत्व विभाग, देहरादून
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