देहरादून नारी निकेतन में कुछ संवासिनियों के साथ न केवल दुष्कर्म हुआ, बल्कि गर्भपात भी कराया गया। यह खुलासा एक वीडियो के जरिए हुआ है। अमर उजाला को मिले एक वीडियो में तीन संवासिनियों के इशारों को समझकर दो साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट्स ने यह बताया है।
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खास बात यह है कि इस एक वीडियो पर अलग-अलग समय में दो साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट्स ने कमोबेश एक ही जैसी राय दी है। दोनों एक्सपर्ट्स को मूक बधिर लोगों के बीच काम करने का लंबा अनुभव है। वे साइन लैंग्वेज में भी महारत रखते हैं।
आग्रह पर हम उनकी पहचान नहीं दे रहे हैं।
यहां हम विनम्रता से कहना चाहेंगे कि अमर उजाला इन तथ्यों के सौ प्रतिशत सत्य होने का दावा नहीं करता। नारी निकेतन में एक संवासिनी के गर्भवती होने और फिर गर्भपात कराने की शिकायत मिलने पर अमर उजाला सीमित पड़ताल में जो जानकारी जुटा पा रहा है, उसे जिम्मेदार अधिकारियों के सामने रख रहा है कि वे गहराई से जांच करवाकर तथ्यों की पुष्टि करवाएं।
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अमर उजाला को मिला शिकायती पत्र जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट की मांग पर गुरुवार को उनके कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया। आरोपों की पड़ताल के लिए अपर जिलाधिकारी झरना कमठान के नेतृत्व में डीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी शुक्रवार को राजकीय नारी निकेतन जाएगी।
सच जानकर कांप जाएंगी रूह
खैर, हम ताजी पड़ताल की बात करते हैं। अमर उजाला को मिले वीडियो में दिख रहीं तीनों ही संवासिनी इस वक्त नारी निकेतन में हैं। इस तथ्य की पुष्टि कर ली गई है। यह वीडियो अमर उजाला टीम के कई सदस्यों के पास सुरक्षित है। जांच टीम के मांगने पर इसे उपलब्ध भी करा दिया जाएगा।
पड़ताल के तहत अमर उजाला ने एक वीडियो की दो प्रतियां तैयार करवाई और एक ही समय में दो अलग-अलग स्थानों पर दो साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट्स को बिना कुछ भूमिका बताए वीडियो दिखाकर पूछा कि ये लड़कियां इशारों में क्या कह रहीं हैं ? जवाब में अमर उजाला रिपोर्टर गौरव मिश्रा को एक एक्सपर्ट ने बताया कि यह साफ तौर पर बता रही है कि दो आदमी हैं।
दोनों ही मोटे शरीर के हैं। उनका कद भी लंबा है। ये दोनों ही वर्दीधारी हैं। कभी-कभी टोपी लगाकर भी आते हैं। उनका व्यवहार बेहद आक्रामक और हिंसक होता है। वे आते हैं, कमरे में बंद कर देते हैं। फिर कुंडी लगा लेते हैं। एक बार मैंने देखा कि एक ने सलवार उतारी, दूसरे ने मारपीट की।
उसका ऊपरी हिस्सा पकड़कर रखा। फिर कमीज उतारी और फिर इन्होंने गलत काम किया। ऐसा कई बार होता रहा। लेकिन एक बार बहुत भयानक और हिंसक तरीके से हुआ। यह जानबूझकर पीड़ित युवती में खौफ पैदा करने के लिए किया गया। पीड़िता द्वारा विनती करने पर भी इन्होंने रहम नहीं किया और उसे पीटते रहे। साथ ही क्रूरतापूर्वक दुष्कर्म किया।
विशेषज्ञ का कहना है इसमें युवती साफ तौर पर कहना चाह रही है कि ये दो व्यक्ति मोटरसाइकिल में आते थे। कई बार मोटरसाइकिल में पीड़िता को बीच में बिठा कर ले जाते थे। यहां मूंछोंवाला वर्दीधारी ही आगे-आगे रहता था। वह कभी हाथ से पकड़ता था और कभी छाती से भींच लेता था। कहीं दूसरे स्थान पर अक्सर लेकर जाते थे।
विशेषज्ञ ने किशोरी व युवती के इशारों के बाबत कहा कि एक बार तो पीड़िता के पेट में हमला किया गया। उसे पेट में मारा गया। उसके पेट में बच्चा था। उसके बच्चे को मार दिया गया। फिर कहीं फेंक दिया गया। वह दृश्य बहुत भयानक था। इस काम को भी दो लोगों ने अंजाम दिया। ये वर्दीधारी थे।
इनमें से एक मूंछ वाला था। उस दिन ये मोटर साइकिल में आए और फिर चले गए। उनमें से एक बहुत खतरनाक आदमी है। उसका यहां दबदबा है। विशेषज्ञ ने जानकारी दी कि यह भी संभव है कि गर्भपात करने वाले दिन भी दुष्कर्म किया गया हो। मानसिक तौर पर क्रूर लोग जानबूझकर ऐसा करते हैं।
उनका मत है कि युवती व किशोरी घटनाओं का घालमेल करती है। इनके विचारों में भले ही सामंजस्य नहीं है, लेकिन वे जो कहना चाह रही हैं वे बातें सौ फीसदी साफ हैं। शारीरिक दुष्कर्म होता रहा। गर्भपात भी हुआ, वह भी हिंसक ढंग से।
अमर उजाला रिपोर्टर नलिनी गुसाईं ने दूसरे एक्सपर्ट से राय ली। उनकी राय कुछ इस प्रकार रही- वीडियो में दिख रहीं तीनों संवासिनियों की एक बात जरूर कॉमन है, कि वो कोई पुलिस वाला है। जो बेहद मोटा है और संबंध बनाने से पहले संवासिनियों की खूब पिटाई करता है।
संवासिनियों ने हाथ से इशारे कर बताई अपनी दर्दभरी कहानी
पहली संवासिनी- हाथ का साइन बनाकर बताती है कि उसके साथ संबंध बनाए गए। संबंध कहां बने यह तो नहीं बता पाई, लेकिन नारी निकेतन की पीछे की छोटी दीवार की ओर इशारा करते हुए यह जरूर कहा कि वो इस दीवार से कूदकर चला गया। बताती है कि उसके साथ संबंध बनाने वाला कोई पुलिस वाला था। यहां पहले भी बच्चे मारे। मुझे भी इंजेक्शन लगाए जाते हैं। फिर संवासिनी कहती है कि मुझे भी बाहर ले गए थे, कहीं दूर। मुझे बहुत मारा, वो अपनी चोट भी दिखाती है।
दूसरी संवासिनी- दो लोग थे। दोनों बाइक पर आए थे। उनका साथ देने वाली एक महिला भी थी, सुईं का इशारा कर-कर शायद वो यह कहना चाह रही थी कि वो कोई नर्स है। बताती है कि उसको बाइक पर ही कहीं बाहर ले गए। दो पुरुष लेने आए थे, इनमें से एक पुलिस वाला था। एक महिला उनका साथ दे रही थी जो शायद नर्स है। काफी अलग-अलग जगहों पर ले जाने के बाद उसे कहीं ले गए।
जहां दरवाजा बंद कर कुंडी लगाई गई। संवासिनी को धक्का दिया, थप्पड़ मारा। उसके साथ संबंध बनाए। यहां भी संबंध बनाने वाला पुलिस वाला ही था। तीसरी संवासिनी जब लगातार अपनी कहानी बयां करती है तो दूसरी संवासिनी उसको रोकती है और कहती है कि चुप हो जा। वो बहुत बुरा है, वो तुझे मार देगा, काट देगा।
बताती है कि मेरा गर्भपात भी उसने करा दिया। वो तुझे भी मार देगा। वो महिला तुझे भी इंजेक्शन लगाकर मार देगी। वो पुलिस वाला भी तुझे बहुत मारेगा, तू मत बोल, मत बोल। बताती है कि तू उससे डर जाएगी। वो बहुत खतरनाक है। बहुत मोटा है वो। मुझे वो अलग-अलग जगहों पर संबंध बनाने के लिए ले जाता है।
तीसरी संवासिनी- इसके साथ संबंध कहां बने, यह नहीं बता पाई लेकिन जैसे ही इसके पास पुलिस वाला आया तो यह गिड़गिड़ाने लगी और बोली कि मुझे छोड़ दो। पुलिस वाले ने कहा कि तुम मेरे दोस्त के साथ संबंध बनाओ। यह बोलकर पुलिस वाला चला गया। इसके बाद संवासिनी से संबंध बनाए गए।
दूसरी संवासिनी के बार-बार चुप होने की बात कहने के बावजूद भी तीसरी संवासिनी चुप नहीं हुई। वो कहती रही कि तू जा उसके साथ, मैं नहीं जाती। मैं नहीं डरती। अगर वो मेरे को गर्भवती करेगा तो मैं अपने भाई को बता दूंगी। वो उस पुलिस वाले को बहुत मारेगा। वह पहली संवासिनी से पूछती है कि क्या वो तुझे होटल में ले गया था।
अंत में यही कहती है कि अब हम क्या करें। एक्सपर्ट ने बताया कि एक युवती बेहद भयग्रस्त मनोदशा में है। इस युवती का शरीर और चेहरा अपने आप बहुत कुछ कह देते हैं। किशोरी का मानसिक स्तर युवती से थोड़ा कम है। लेकिन वह भी संवेदनशील है। साथ ही साथ दूसरे के साथ होने वाले बर्ताव से खुद को जोड़ती हैं। पाठकों से निवेदन है कि अगर नारी निकेतन से संबंधित कोई तथ्य उनकी जानकारी में हो तो हमसे जरूर साझा करें।
मेरे पास हरिद्वार का भी चार्ज है। आज मैं हरिद्वार में थी। शुक्रवार को पत्र देखूंगी। मैंने नारी निकेतन में जाकर प्रारंभिक जांच की थी। मैंने जो भी रिपोर्ट बनाई है, वह केवल बयानों के आधार पर है। बयानों में ऐसा कोई मामला निकलकर सामने नहीं आया। मेरे साथ कोई डाक्टर भी नहीं थी, जिससे मेडिकल आदि कराया जा सके। जिलाधिकारी की ओर से मामले में कमेटी बना दी गई है। कमेटी में डाक्टर भी है। अगर कोई दोषी है तो सामने आना चाहिए। साक्ष्य मिलते ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - मीना बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी देहरादून
नारी निकेतन मामले की जांच के लिए शुक्रवार का दिन तय किया गया है। महिला डाक्टर और समाज कल्याण अधिकारी के साथ जाकर हर पहलू की जांच की जाएगी। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होगी और अगर कोई दोषी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। - झरना कमठान, अपर जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जांच कमेटी