अपर सचिव यौन शोषण मामले में पुलिस के सामने अब पीड़िता की तलाश बड़ी चुनौती बन गई है। एएसपी ममता बोहरा के नेतृत्व में दिल्ली गई टीम का एनजीओ की संचालक से संपर्क हुआ तो उसे युवती के नैनीताल जाने का पता लगा।
कयास लगाए जा रहे हैं कि उत्तराखंड पुलिस की चाल में फंसने से बचने के लिए वह कानूनी सलाह मशविरा करने नैनीताल पहुंची है।
मंगलवार शाम तक पुलिस टीम अपर सचिव जेपी जोशी के मामले में दिल्ली के विभिन्न ठिकानों पर पीड़ित युवती से पूछताछ के लिए भटकती रही।
फिलहाल युवती का कहीं कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो युवती उत्तराखंड पुलिस के सामने बयान देने से पहले एनजीओ के जरिए वकीलों से मशविरा ले रही है।
युवती के न मिलने से पुलिस सकते में
पीड़ित युवती की लोकेशन ट्रेस न होने से उत्तराखंड पुलिस सकते में है। युवती पहले ही अपर सचिव जेपी जोशी और उत्तराखंड पुलिस से अपनी जान का खतरा बता चुकी है। ऐसे में युवती का न मिलना और उसका मोबाइल स्विच ऑफ होना पुलिस की धड़कनें बढ़ा रहा है।