यौन शोषण के आरोपी अपर सचिव जेपी जोशी गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे लेने की तैयारी में है। जोशी ने अपने परिचितों के जरिए नैनीताल हाईकोर्ट के कुछ अधिवक्ताओं से संपर्क साधा है। सूत्रों का कहना है कि संभवत: आरोपी की ओर से जल्द ही अदालत में इसकी अर्जी दाखिल कर दी जाएगी।
जांच की गति से पुलिस पर जबर्दस्त दबाव साफ झलक रहा है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस जोशी को गिरफ्तारी से बचाने की कोशिश में है। गिरफ्तारी में जितनी देर होगी जोशी को इसका फायदा पहुंचेगा। जांच कर रहे पुलिस अधिकारी फिलहाल इस मामले में खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त आधार
पुलिस तर्क दे रही है कि जब तक पीड़िता के बयान नहीं हो जाते गिरफ्तारी करने में अड़चन है। उधर वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस राघव के मुताबिक, अपर सचिव जेपी जोशी के खिलाफ दुराचार की रिपोर्ट दर्ज होना गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त आधार है। ऐसे मामलों में गिरफ्तारी में देरी होने से गवाहों को तोड़ने, सबूतों को नष्ट करने और जोड़तोड़ की आशंका रहती है।
आरोपी शासन का बड़ा अधिकारी है, ऐसे में इसकी संभावनाएं ज्यादा हैं। एसएसपी केवल खुराना का कहना है कि इससे जुड़े दोनों मामले पुलिस मुख्यालय के सुपरविजन में हैं। ऐसे में किसी भी तरह की मदद जिला पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी।
कई नंबरों से की गई युवती को कॉल
एसटीएफ मुकदमे से जुड़े लोगों के मोबाइल डिटेल खंगालने में ही जुटी हुई है। एसटीएफ ने ऐसे नंबरों की सूची तैयार की जिनसे पीड़िता युवती के नंबर पर कॉल की गई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी जोशी ने कई नंबरों से युवती के मोबाइल पर कॉल की थी। एसटीएफ इन नंबरों का ब्लैकमेलिंग के आरोपियों के मोबाइल नंबरों से भी मिलान कर रही है।