बल्लेबाजों के फ्लॉप शो के चलते उत्तराखंड को रणजी ट्रॉफी के पहले मुकाबले में जम्मू-कश्मीर (जेएंडके) के खिलाफ शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। दूसरी पारी में दीक्षांशु नेगी को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर नहीं टिक पाया। पूरी टीम 46 ओवर में महज 149 रन पर ऑलआउट हो गई और तीसरे ही दिन जम्मू कश्मीर की टीम ने 253 रन से मुकाबला जीतकर पूरे अंक हासिल कर लिए।
अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी स्टेडियम में उत्तराखंड की हार मंगलवार शाम को ही तय हो गई थी, जब उत्तराखंड ने 403 रन के विशाल लक्ष्य के सामने दूसरी पारी में 18 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। उत्तराखंड के क्रिकेट प्रेमियों को बुधवार को चमत्कार की उम्मीद थी, लेकिन जेएंडके के गेंदबाजों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बुधवार सुबह नाबाद बल्लेबाज राहिल और अवनीश बल्लेबाजी करने उतरे।
42 रन के स्कोर पर टीम को दिन का पहला झटका लगा, जब अवनीश 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। दीक्षांशु ने एक छोर से टिककर बल्लेबाजी की। लेकिन दूसरे छोर से किसी ने उनका साथ नहीं दिया। दीक्षांशु ने 46 गेंदों में 55 रन की नाबाद पारी खेली। सौरभ ने 20, करणवीर ने 11, सनी राणा ने एक, डीके शर्मा ने सात रन बनाए।
रामदयाल की अगुवाई में जेएंडके के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। रामदयाल ने 16 ओवर में 58 रन देकर पांच विकेट लिए। मुद्दसिर और उमर नाजिर ने दो-दो विकेट चटकाए। रामदयाल ने पहली पारी में 28 रन देकर चार विकेट लिए थे। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।
दोनों पारियों में फ्लॉप रही बल्लेबाजी
उत्तराखंड के ज्यादातर बल्लेबाज दोनों पारियों में फ्लॉप रहे। पहली पारी में 84 रन पर सिमटने के बाद बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया गया। लेकिन यह भी कारगर साबित नहीं हुआ। दीक्षांशु मैच में उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे। कप्तान उन्मुक्त चंद ने दोनों पारियों में 13 (4 व 9), आर्य सेठी ने दो (1 व 1), तन्मय ने 23 (17 व 6), करणवीर कौशल ने 12 (1 व 11), सौरभ ने 29 (9 व 20), अवनीश ने 17 (6 व 11) और दीक्षांशु ने 79 (24 व 55 नाबाद) रन बनाए।