ऋषिकेश में रानीपोखरी के प्राचीन महादेव मंदिर के बारे में प्रचलित है कि भगवान शिव ने यहां अपना वास बनाकर लोगों को रोग और दुरात्माओं से बचाने का काम किया।
आस्था और विश्वास का प्रतीक
तब से यह मंदिर असीम आस्था और विश्वास का प्रतीक बन गया है। यह मंदिर ऋषिकेश तहसील मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर रानीपोखरीग्रांट भोगपुर रोड पर स्थित है।
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मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश चंद तोमर और सचिव रविन्द्र सिंह पुंडीर ने बताया कि मंदिर परिसर में अति प्राचीन रुद्राक्ष का वृक्ष है, जिसका फल लोग ले जाते हैं। महाशिवरात्रि पर भारी संख्या में श्रद्धालु शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।
गुप्ता के पूर्वजों ने कराया था मंदिर का निर्माण
सौ साल पहले भोगपुर के लाला कृष्णलाल गुप्ता के पूर्वजों ने पौराणिक मंदिर का निर्माण कराया था। 28 साल पहले सांस्कृतिक संगठन आदर्श तरुण कला संगम ने कमेटी गठित कर मंदिर के देखरेख की जिम्मेदारी संभाली।
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सत्तर के दशक में राजेंद्र गैरोला मधुकर ने युवा शिव प्रेरणा से युवा साथियों को संगठित कर मंदिर समिति ने सामाजिक जागरूकता के अभियान सफलता पूर्वक चलाए।