रोजी देने वाले परवरदिगार इस माह में हम सभी की परीक्षा लेते हैं और इस परीक्षा में पास होने वाले बंदे के ऊपर रहमत बरसती है। उन्होंने कहा कि पूरे महीने रोजे रखना हर मुसलमान का फर्ज है। यदि मजबूरी वश कोई रोजा नहीं रख सकता तो वह रोजेदार के सामने कुछ न खाएं। माह-ए-रमजान में सभी बुराईयों से दूर रहना चाहिए।
रमजान का टाइम
पहला रोजा (मंगलवार)
इफ्तार (7 मई)
सुन्नी: 5:01 बजे, शाम
शिया: 7:11 बजे शाम
दूसरा रोजा (बुधवार)
सहरी (8 मई)
सुन्नी -4:01 बजे प्रात:
शिया -3:50 बजे प्रात: