माह-ए-रमजान का आगाज हो गया है। मंगलवार को अकीदतमंदों ने पहला रोजा रखा। शाम को पानी और खजूर से रोजा खोलकर अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। पहले दिन इफ्तार की खरीददारी के लिए बाजारों में समुदाय के लोगों की भीड़ उमड़ी। इनसे देर रात बाजारों में रौनक रही।
मंगलवार अलसुबह रोजेदारों ने सहरी खाकर रोजे की नियत की। उसके बाद दिनभर अल्लाह की इबादत की। मस्जिदों में नमाजियों की खूब भीड़ रही। घरों में महिलाओं ने कुरान-ए-पाक की तिलावत पढ़ी। उधर, बाजारों में फल, खजूर सहित अन्य सामान की खरीददारी के लिए बड़ी संख्या में समुदाय के लोग उमड़े।
घरों में महिलाओं ने तरह-तरह के व्यंजन तैयार किए। शाम को मगरीब के बाद जैसे ही रोजा इफ्तार का एलान हुआ रोजेदारों ने खजूर और पानी से रोजा खोला। शाम को तराबी की नमाज पढ़ी गई। मस्जिदों में देर रात तक दबादत का सिलसिला जारी रहा।
शहर मुफ्ती मोहम्मद सलीम अहमद कासमी ने बताया कि रमजान का महीना बरकत और रहमत बाला है। इस माह में जितनी इबादत की जाए, उतनी कम है। ऐसे में समुदाय के लोगों और नमाजियों को इस माह अधिक से अधिक इबादत करनी चाहिए।