रमजान के पहले जुमे की नमाज हजारों लोगों ने विभिन्न मस्जिदों में अदा कर अपने गुनाहाें से तौबा की। नमाजियों की संख्या ज्यादा होने के चलते कड़ी धूप में भी मस्जिदों के बाहर और छतों पर सफे बिछाकर लोगों ने नमाज अदा की। जुमे की तकरीरों में रमजान की अहमियत बताई गई।
इस मौके पर पेश इमामों ने देश-दुनियां और समाज की खुशहाली की परवरदिगार से दुआ की, जिस पर सैकड़ों रोजेदारों ने एक आवाज में ‘आमीन’ कहा। इसके साथ ही नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त रही। वहीं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मस्जिदों के आस-पास पुलिसकर्मी तैनात रहे।
शुक्रवार को माह-ए-रमजान के पहले जुमे की तैयारियां सुबह से ही शुरू हो गई। इस दौरान नमाजियों में खासा उत्साह देखने को मिला। अकीदतमंद बच्चों को साथ लेकर मस्जिदों में पहुंचे। पलटन बाजार जामा मस्जिद में शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने तकरीर में कहा कि रमजान रहमत और बरकत का महीना हैं। इस महीने में रोजा रखने से खुदा खुश होता है। इसी पाक महीने में कुरान पाक नाजिल हुआ।
साथ ही कसरत के साथ तरावीह पढ़नी चाहिए। वहीं मुस्लिम कालोनी पार्क वाली मस्जिद में तकरीर करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद सलीम अहमद कासमी ने जकात के बारे में बताया। जकात जरुरतमंदों, विधवा, अनाथ, दिव्यांग आदि को दें।
इसके अलावा ईसी रोड पर काजी अहसान, सना मस्जिद आजाद कॉलोनी में मुफ्ती वासिल, माजरा में मौलाना शाकिर ने नमाज अदा कराई। इसके बाद इफ्तार के लिए खजूर, फल और अन्य जरूरी सामान की खरीददारी करने के लिए अकीदतमंदों की बाजार में भीड़ उमड़ी रही। एलान के बाद रोजेदारों ने पानी और खजूर से रोजा खोल अल्लाह का शुक्रिया किया।