शहर एवं देहात में चल रही रामलीलाएं अपने अंतिम दौर में जैसे-जैसे पहुंच रही है, वैसे-वैसे राम की लीलाओं को देखने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही हैं।
लोग रामलीला के पात्रों के साथ भावनात्मक रूप से भी जुड़े हुए हैं। रुड़की में चल रही रामलीला में लक्ष्मण के मूर्छित होते ही पंडाल का माहौल गमगीन हो गया।
चैंपियन ने किया शुभारंभ
बीटी गंज में चल रही रामलीला सेतुबंध रामेश्वर स्थापना का मंचन कलाकारों ने बहुत ही अच्छे ढंग से किया। विभीषण द्वारा राम शरण में चले जाने एवं सुख सारंग संवाद एवं अंगद-रावण संवाद की लीलाओं का भी मंचन किया। इस मौके पर कमांडेंट एनसीसी संजय सोई, रवि कपूर, अमर गुप्ता, प्रताप नारायण, जितेंद्र आदि मौजूद रहे।
रुड़की गढ़वाल सभा की ओर से सुभाषनगर में चल रही रामलीला में आठवें दिन कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने शुभारंभ किया।
लोग हुए भावविभोर
रामलीला में मेघनाथ द्वारा लक्ष्मण को मूर्छित कर दिए जाने से पंडाल में मौजूद सभी लोग भावविभोर हो गए जिससे पंडाल का माहौल गमगीन हो गया। बाद में हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाने पर लक्ष्मण के जीवित होने पर सभी में प्राण से आए।
इस मौके पर सुनील, विवेक, जगदीश, कमला बमोला, विजय, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे। गांव बाजूहेड़ी में चल रही रामलीला में मेहवड़, शेरपुर, बेलड़ा, मोहम्मदपुर पांडा आदि से ग्रामीण पहुंच रहे हैं। रामलीला 30 वर्षों से चली आ रही है। रामलीला में बृहस्पतिवार को भी कई राम की कई लीलाओं का मंचन किया गया।