क्या आप विश्वास करेंगे कि एक रावण ऐसा भी है, जो हर रोज राम से माफी मांगता है। जी हां, यह रावण है, देहरादून स्थित चुक्खूवाला की रामलीला का बेहद पुराना कलाकार।
बीते 15 साल से दशानन का पात्र अदा करने वाले इस कलाकार राजकुमार के बकौल में हर रोज प्रभु राम और बजरंग बली से क्षमा मांगता हूं। कहता हूं कि प्रभु मुझे रावण की भूमिका निभानी पड़ती है, किसी भूल के लिए क्षमा कर दीजिए।
रावण और अपनी राशि को भी एक ही बताते हुए राजकुमार कहते हैं, ‘रावण के राशि स्वामी भी शुक्राचार्य थे और मेरी राशि के स्वामी भी वही हैं।
मैं शुक्राचार्य को खुश करने के लिए रोजाना जाप करता हूं। चुक्खूवाला में ‘रावण अंकल’ बच्चों के बीच इतने पॉपुलर हैं कि हर कोई उनकी सेना में शामिल होना चाहता है।
मोहल्ले के हर्ष, अंकित, अनमोल, अमन रावण के ही रणबांकुरे बनते हैं। लंकेश से प्रभावित बच्चों की इच्छा है कि वह एक बार जरूर रावण की भूमिका अदा करें।
मंदिर के पुजारी भी पुकारते हैं लंकेश
बच्चों के बीच इतना क्रेज देखकर रावण की भूमिका निभाने वाले राजकुमार खुद हैरत जताते हैं। बच्चे साफ कहते हैं, रावण निडर और महाशक्तिशाली था। हम भी उसकी तरह निडर बनना चाहते हैं।
मंदिर के पुजारी खुद भी उन्हें लंकेश कहकर पुकारते हैं। मगर राजकुमार को रावण कहे जाने को कोई गिला नहीं। वे कहते हैं,-‘रावण जैसा विद्वान कोई नहीं है।
जब से किरदार निभा रहा हूं, नियमित एक घंटे पूजा करता हूं। रावण की तरह मैं भी शिव भक्त हूं। रोजाना मंदिर जाकर शिव आराधना करता हूं। इच्छा है कि रावण की तरह मैं भी बैकुंठ जाऊं।
बीवी-बच्चे कहते हैं, अब बस करो
रावण बनने में गर्व महसूस करते वाले राजकुमार का काम परिवार को नहीं भाता। बीवी और बच्चे कहते हैं, 15 साल हो गए, अब तो बस करें। मगर राजकुमार साफ मना कर देते हैं।
उनके मुताबिक मोहल्ले के बच्चे, बड़े सभी मेरे किरदार से बेहद प्रभावित हैं। वे मुझे रावण नाम से ही संबोधित करते हैं। पोता कार्तिक अक्सर कहता है कि दादा मुझे रावण से डर लगता है।
लाइट-साउंड इफेक्ट में दिखी राम लीला
श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में दूसरे दिन लाइट इफेक्ट से पानी बहता दिखाई दिया तो बादल चलते हुए नजर आए। चुक्खूवाला स्थित श्री गुरु नानक इंटर कॉलेज में रामलीला के दूसरे दिन केवट ने राम, सीता, लक्ष्मण को सरयू नदी पार कराई। यह दृश्य लाइट एंड साउंड इफेक्ट के साथ दिखाया गया।
चित्रकूट में भरत-मिलाप की लीला मंचित की गई। पर्वतीय रामलीला कमेटी की ओर से धर्मपुर स्थित रवि मित्तल मेमोरियल पब्लिक स्कूल में रामलीला दिखाई गई। इसके पहले दिन नारद मोह, रावण तपस्या और राम जन्म के दृश्य दिखाए गए। श्री रामलीला कला समिति की ओर से रामलीला बाजार में रामलीला की शुरुआत कर दी गई।
पहले दिन राम-जन्म के दृश्य दिखाए गए। श्री आदर्श रामलीला महोत्सव, राजपुर बिरगिरवाली में शुक्रवार से रामलीला की शुरुआत होगी।
मैनेजमेंट संभालने के लिए छोड़ा अभिनय
49 सालों से आदर्श रामलीला कमेटी अध्यक्ष संतराम रामलीला में अलग-अलग किरदार निभाते रहे। मैनेजमेंट संभालने के लिए उन्हें अभिनय छोड़ना पड़ा।
हालांकि मंचन में आवाज आज भी उन्हीं की गूंजती है। संतराम ने बताया कि 90 मिनट की कैसेट में आवाज उन्हीं की है, कलाकार सिर्फ मुंह चलाते हैं। दिक्कत तब होती है, जब कैसेट पहले चल जाए और किरदार का मुंह बाद में।