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टेलीकॉम सेक्टर में कदम रखने के बाद अब इन क्षेत्रों में ऊंची उड़ान भरेंगे बाबा रामदेव

Wed, 30 May 2018 07:26 AM IST
कौशल सिखौला, अमर उजाला, हरिद्वार
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Ramdev
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योगगुरु से उद्योगपति बने बाबा रामदेव कितनी ऊंची छलांगे लगाएंगे, कोई नहीं जानता। कुछ ही वर्षों में बाबा की उड़ान इतनी ऊंची कि आसमान भी शरमा जाए।

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बाबा अब भारी उद्योगों के क्षेत्र में प्रवेश की तैयारियों में जुटे हुए हैं। उद्योगों में साझेदारी के लिए देश की कईं कंपनियां दरवाजे पर खड़ी हैं। शर्त केवल एक है कि प्रवेश उस उद्योग में होगा जो पूर्णत: स्वदेशी हो।  

बाबा रामदेव ने गत दिवस ही पतंजलि स्वेदशी समृद्धि सिमकार्ड बीएसएनएल के सहयोग से लॉच कर अपनी हसरतों का ऐलान कर दिया है। यद्यपि वे पहले ही कोक, पेप्सी, यूनिलीवर, कॉलगेट जैसी कंपनियों को पीछे धकेलने के लिए वे सारे प्रोड्क्ट बाजार में ला चुके हैं, जो ये कंपनियां बनाती हैं।

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भारतीय तथा एनआरआई उद्यमियों ने भाग लिया

रामदेव बाबा - फोटो : अमर उजाला
अब बाबा स्टील, मोटरकार, विद्युत, सोलर पावर और तरह-तरह की मोबाइल चिप बनाने की तैयारियों में जुटे हैं। बाबा की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक 26 मई को शुरु हुई थी और आज सोमवार को ही संपन्न हुई है।

इस बैठक में फिलहाल भी बाबा के साथ काम कर रहे भारतीय तथा एनआरआई उद्यमियों ने भाग लिया। साथ ही देश भर में पतंजलि के ट्रस्टी बैठक में पहुंचे।

तीन दिवसीय बैठक में निर्णय लिया गया कि पतंजलि का लक्ष्य अब एक लाख करोड प्रतिवर्ष उत्पादन का रखा जाएगा। फिलहाल पतंजलि का उत्पादन 20 हजार करोड है। बैठक फैसला हुआ कि ऐसा कोई उद्योग नहीं छोड़ा जाएगा, जो स्वदेशी के आधार पर चल रहा हो। इनमें स्टील और विद्युत के बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरु किया जाएगा।  
 
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पतंजलि के साथ अनेक क्षेत्रों में साझेदारी के लिए सभी सेक्टरों के उद्यमी पहुंचे

ramdev
पतंजलि उद्योगों के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने आज शाम बताया कि पतंजलि के साथ अनेक क्षेत्रों में साझेदारी के लिए सभी सेक्टरों के उद्यमी पहुंचे हैं।

सभी चाहते हैं कि हमारी गुणवत्ता का लाभ उठाकर पार्टनरशिप की जाए। आज के जमाने में कईं तरह की मोबाइल चिप जीवन से जुड़ गई हैं। इस क्षेत्र से भी समझौते की मांग आई हैं। गंभीर मंत्रणाओं के बाद उन सभी के साथ उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। जो स्वदेशी के लिए काम कर रहे हों।

आचार्य ने बताया कि फ्रांस सहित अनेक यूरोपियन देशों के प्रतिनिधि भी उद्योगों में भागेदारी चाहते हैं। वे भारी निवेश का प्रस्ताव भी ररख रहे हैं। ग्लोबल और इंडस्ट्रीयल बिजनेस हाउस से जुड़े उद्यमियों का आगमन बताता है कि पतंजलि के प्रति विश्व में कितना वश्विस बढ़ा है। 

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