अब बाबा स्टील, मोटरकार, विद्युत, सोलर पावर और तरह-तरह की मोबाइल चिप बनाने की तैयारियों में जुटे हैं। बाबा की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक 26 मई को शुरु हुई थी और आज सोमवार को ही संपन्न हुई है।
इस बैठक में फिलहाल भी बाबा के साथ काम कर रहे भारतीय तथा एनआरआई उद्यमियों ने भाग लिया। साथ ही देश भर में पतंजलि के ट्रस्टी बैठक में पहुंचे।
तीन दिवसीय बैठक में निर्णय लिया गया कि पतंजलि का लक्ष्य अब एक लाख करोड प्रतिवर्ष उत्पादन का रखा जाएगा। फिलहाल पतंजलि का उत्पादन 20 हजार करोड है। बैठक फैसला हुआ कि ऐसा कोई उद्योग नहीं छोड़ा जाएगा, जो स्वदेशी के आधार पर चल रहा हो। इनमें स्टील और विद्युत के बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरु किया जाएगा।
पतंजलि उद्योगों के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने आज शाम बताया कि पतंजलि के साथ अनेक क्षेत्रों में साझेदारी के लिए सभी सेक्टरों के उद्यमी पहुंचे हैं।
सभी चाहते हैं कि हमारी गुणवत्ता का लाभ उठाकर पार्टनरशिप की जाए। आज के जमाने में कईं तरह की मोबाइल चिप जीवन से जुड़ गई हैं। इस क्षेत्र से भी समझौते की मांग आई हैं। गंभीर मंत्रणाओं के बाद उन सभी के साथ उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। जो स्वदेशी के लिए काम कर रहे हों।
आचार्य ने बताया कि फ्रांस सहित अनेक यूरोपियन देशों के प्रतिनिधि भी उद्योगों में भागेदारी चाहते हैं। वे भारी निवेश का प्रस्ताव भी ररख रहे हैं। ग्लोबल और इंडस्ट्रीयल बिजनेस हाउस से जुड़े उद्यमियों का आगमन बताता है कि पतंजलि के प्रति विश्व में कितना वश्विस बढ़ा है।