बाबा रामदेव को अंदेशा है कि आने वाले दिनों में उनके और उनके कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस की किचकिच बढ़ने वाली है। इसीलिए बाबा के स्वाभिमान ट्रस्ट ने भविष्य के हालात से निपटने के लिए नए सिरे से योजना बनाई है।
जिन एक लाख युवकों को इसी वर्ष प्रशिक्षित किया गया था, उन युवकों की टीमें शिविरों के दौरान बाबा के साथ रहेंगी। आशंका है कि कांग्रेस का सीधा विरोध कर रहे बाबा को कांग्रेसियों के साथ संघर्ष झेलना पड़ेगा।
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कार्यकर्ता पूरी तरह तैयार
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के संयोजक जयदीप आर्य के अनुसार कार्यकर्ता पूरी तरह तैयार हैं। योग शिविरों की रक्षा का दायित्व पतंजलि परिवार और स्वाभिमान ट्रस्ट पर है। चूंकि बाबा अपने शिविरों में राष्ट्रीय स्वाभिमान का पाठ भी पढ़ा रहे हैं। अत: स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ता शिविरों में मौजूद रहेंगे।
पतंजलि योग पीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि कांग्रेस चाहे कितना उत्पीड़न क्यों न कर ले, जनता उसे सबक सिखाएगी। जहां तक संघर्ष का सवाल है, उसके लिए पतंजलि की ओर से पहल नहीं होगा।
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पतंजलि परिवार देगा जवाब
यदि कुछ असामाजिक तत्वों को आगे कर संघर्ष छेड़ा गया तो पतंजलि परिवार उसका जवाब देगा। सरकार का दायित्व है कि वह शिविरों को यथावत चलने दे और जो असामाजिक तत्व शिविर स्थल पर गड़बड़ी फैलाना चाहते हैं, उन्हें हटाएं।
उधर, बाबा रामदेव के भाई रामभरत के विरुद्ध कड़ा शिकंजा कसे जाने के बाद बाबा की दोनों इकाइयां सक्रिय हो उठी हैं। सूत्रों के अनुसार इस वर्ष के शुरू में पतंजलि में करीब एक लाख युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया था।
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बूथवार भी सक्रिय रहने का आदेश
इन युवाओं को चुनाव के लिए ही तैयार किया गया था। बाबा ने राजनीतिक दलों की दर्ज पर अपने स्वयंसेवकों को बूथवार भी सक्रिय रहने का आदेश दिया था। अब एक लाख युवाओं को चरणबद्ध रूप में बाबा के साथ शिविरों में लगाया जाएगा।
मंशा यही है कि किसी भी सूरत में असामाजिक तत्व अथवा कांग्रेसी कार्यकर्ता शिविरों में विघ्न न डाल पाएं। चूंकि आगामी नौ महीनों के लिए बाबा के शिविर कार्यक्रम निर्धारित कर दिए गए हैं, अत: युवाओं को राज्यवार सक्रिय किया गया है।