बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी की दवा दिव्य पुत्रजीवक बीज और पुत्रजीवक शिवलिंगी सीड की जांच रिपोर्ट में नाम और गुणवत्ता के निर्धारित मानकों में कोई खामी नहीं मिली है। जांच के निर्धारित बिंदुओं से अलग लाइसेंस से संबंधित कुछ खामियां सामने आई हैं।
पुत्रजीवक बीज दवा के नाम से कंपनी को लाइसेंस मिला है लेकिन कंपनी ने दिव्य शब्द बिना अनुमति के जोड़ दिया। दवा 200 ग्राम के पैक में बनाकर बेचने की अनुमति है, जबकि अलग-अलग मात्रा की पैकिंग बाजार में उपलब्ध है।
राज्य सरकार ने केंद्रीय आयुष मंत्रालय के निर्देश पर 16 मई को दिव्य फार्मेसी की दो दवाओं की जांच के लिए समिति गठित की थी। शासन ने राज्य औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी आयुष विभाग की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई, जिसमें सहायक औषधि नियंत्रक आयुष विभाग और जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी हरिद्वार सदस्य हैं।
समिति को दवाओं की गुणवत्ता, उत्पादकता व लाइसेंस के संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट साक्ष्यों सहित उपलब्ध करनी थी। डेढ़ सप्ताह में आई जांच रिपोर्ट में दवा गुणवत्ता और जांच के तय मानकों पर खरी उतरी है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को जांच रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है।