देशभर में योग के उत्थान के लिए काम करने वाले प्रमुख संस्थाओं के संचालकों ने भारत में योग को और ज्यादा प्रचलित व स्वीकार्य बनाने के लिए इंडियन योग एसोसिएशन का पुनर्गठन किया है।
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योग गुरु बाबा रामदेव को पुनर्गठन के बाद एसोसिएशन का पहला अध्यक्ष चुना गया है। एसोसिएशन योग को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य करेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग के माध्यम से भारत की छाप प्रभावी बने इसके लिए भी एजेंडा तैयार किया जा रहा है।
एसोसिएशन के पुनर्गठन का यह महत्वपूर्ण निर्णय मंगलवार की देर शाम शांतिकुंज में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में योग गुरु बाबा रामदेव, शांतिकुंज के अधिष्ठाता प्रणव पंड्या, ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर समेत कई देश भर के विभिन्न योग संस्थानों के योग गुरु शामिल हुए।
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2008 में हुआ था योग एसोसिएशन का गठन
बैठक में बाबा रामदेव, प्रणव पंड्या और श्री श्री रविशंकर
- फोटो : AmarUjala
करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए इन तीनों अध्यात्मिक गुरुओं ने बताया कि इंडियन योग एसोसिएशन का गठन वर्ष 2008 में कर लिया गया था, लेकिन अब इसे नया रूप दिया गया है। इसकी गवर्निंग काउंसिल के गठन के बारे में भी चर्चा की गई।
स्वामी रामदेव को अध्यक्ष चुना गया जबकि श्रीश्री रविशंकर, प्रणव पंड्या, बेंगलुरु योग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एचआर नागेंद्र, योगाचार्य भारत भूषण, ओपी तिवारी आदि सदस्य रहेंगे।
श्रीश्री रविशंकर और डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा कि दुनिया भर में भारत के योग की पहचान कराने में स्वामी रामदेव का अहम योगदान रहा है। खासतौर पर योग दिवस को मान्यता दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही।
अब इंडियन योग एसोसिएशन के सभी साथी मिलकर योग का व्यापक प्रचार प्रसार करने, सभी स्वरूपों को प्रमाणिकता प्रदान करने के लिए योग से संबंधित डिग्रियों का निर्धारण करने समेत अन्य विषयों पर कार्य करेगी। इस साल होने वाले योग दिवस पर विस्तृत एजेंडा तैयार कर योग को नया आयाम प्रदान किया जाएगा।
स्वामी रामदेव ने बताया कि इस बारे में आगामी योजनाओं का निर्धारण करने के लिए आठ मार्च को दिल्ली में वृहद स्तर पर योग फेस्टिवल का आयोजन किया गया है। डॉ. पंड्या ने बताया कि दुनिया के अलग अलग देशों में योग के नाम पर कोर्स कराए जा रहे हैं।
योग एसोसिएशन के माध्यम से इस तरह की योजना बनाई जाएगी कि पूरी दुनिया में योग पर भारत का एकाधिकार रहे। इस अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ईश्वर भारद्वाज, चेन्नई से आए प्रोफेसर महादेवन, कोयम्बंटूर से आए प्रोफेसर जीवासुदेव, योगाचार्य भारत भूषण, बीवासवा रेड्डी आदि मौजूद थे।