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न बेनामी संपत्ति खरीदी, न स्टांप चोरी कीः रामदेव

Thu, 21 Nov 2013 07:19 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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उत्तराखंड सरकार की ओर से 81 मुकदमे दायर करने के ऐलान के एक दिन बाद योगगुरु स्वामी रामदेव ने अपनी चुप्पी तोड़ी। बाबा ने कहा कि उन्होंने कोई नियम-कानून नहीं तोड़ा है।
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केंद्र सरकार पहले भी अनेक नोटिस भेज चुकी है जिनके जवाब दिए गए हैं। अब प्रदेश सरकार ने एक साथ जिन नोटिसों की बात कही है, उनका कोर्ट में जवाब दिया जाएगा।

जनता तो दूसरा अर्थ निकाल रही
स्वामी रामदेव ने फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि वे कृपालु महाराज और शंकरदेव के शिष्य हैं, जिन्होंने शांति से जीना सिखाया था। पतंजलि परिवार ने न तो कोई बेनामी जमीन खरीदी और न ही स्टांप की चोरी की है।
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यदि ऐसा किया गया तो सरकार को इतने वर्षों बाद इसकी याद क्यों आई। मुख्यमंत्री न जाने क्यों कह रहे है कि उनकी कार्रवाई का कोई दूसरा अर्थ न निकाला जाए, वास्तविकता यह है कि अर्थ जनता निकाल रही है।

राज्य में और भी हजारों प्रतिष्ठान
स्वामी रामदेव ने कहा कि राज्य में हजारों प्रतिष्ठान खड़े हुए हैं। सरकार को किसी की जांच कराने की याद नहीं आई। कांग्रेस की आंखों में केवल रामदेव खटक रहा है। कालाधन, भ्रष्टाचार और व्यवस्था परिवर्तन का सवाल उन्होंने जिस दिन उठाया था, उस समय मोदी कहीं परिदृश्य में नहीं थे।

कांग्रेस पार्टी उसी दिन से मेरे खिलाफ षड्यंत्र में जुट गई थी। यही वजह थी कि दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचते वक्त चार केंद्रीय मंत्रियों ने मेरा स्वागत किया और धोखे से रात में ही तंबू उखड़वा दिया।

चुनाव परिणाम मक्कारों की पोल खोल देंगे
स्वामी रामदेव ने कहा कि अब ज्यादा समय शेष नहीं है। देशभक्तों के उत्पीड़न का दौर शीघ्र खत्म हो जाएगा। चार राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम मक्कारों की पोल खोल देंगे। बाबा ने कहा कि लोकसभा चुनाव में देश की जनता एक नया इतिहास लिखेगी।

प्रदेश सरकार ने अभी थोड़े ही नोटिस देने की घोषणा की है। चलिए, मुख्यमंत्री को रामदेव के खिलाफ प्रेसवार्ता तो करनी पड़ी। केंद्र और प्रदेश सरकार के अभी कई और नोटिस व षड्यंत्र सामने आने वाले हैं। न रामदेव इनसे डरता है, न पतंजलि परिवार और न देश की जनता। सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा चाहे रामदेव के खिलाफ कितने जाल बिछा दिए जाएं।
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