अयोध्या तक हमें पहुंचाने की व्यवस्था की
फिर वह समय आया जब कार सेवा के लिए अयोध्या चलो का नारा गूंजा। हमने भी अयोध्या जाने की तैयारी कर ली। करीब 150 लोगों का एक जत्था हरिद्वार से अयोध्या के लिए रवाना हुआ। जब हम वहां पहुंचे तो हमें एक अपरिचित गांव में शरण लेनी पड़ी। वे ग्रामीण किसी संगठन या दल से नहीं जुड़े थे। लेकिन भगवान राम के नाम पर उन्होंने हमारी खूब खिदमत की। रहने और खाने की नहीं बल्कि अयोध्या तक हमें पहुंचाने की भी व्यवस्था की।
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कोई हमें मोटरसाइकिल तो कोई साइकिल से अयोध्या ले गया। जब हम अयोध्या पहुंचे तो सड़कों पर सन्नाटा था। हमें सूचना थी कि वहां परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। लेकिन पांच मिनट में सबकुछ बदल गया। लाखों कारसेवकों का सैलाब अचानक सड़कों पर उतर आया। ऐसा माहौल था कि पुलिस के पांव भी उखड़ गए। वह बेबस खड़े सिर्फ भीड़ का सैलाब देखते रहे।
उन लाखों कारसेवकों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है कि आज पूरा देश और विश्व अयोध्या में भव्य और दिव्य रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समारोह के जश्न में डूब-उतरा रहा है। सारे देश में भगवान राम के नाम की चल रही बयार में हर कोई आनंदित है। (मदन कौशिक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा, पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक)