वर्ष 1990 से सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे धवन 1995 में वरिष्ठ अधिवक्ता बने। वे इंटरनेशनल कमीशन ऑफ जुरिस्ट्स के कमिश्नर भी रहे। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं को कानून की बारीकियों की शिक्षा देने को जनहित कानूनी सहयोग एवं शोध केंद्र की स्थापना की।
धवन के भाई रवि धवन इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश और पटना हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं, जबकि उनके पिता शांति स्वरूप धवन इलाहाबाद (प्रयागराज) हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहने के बाद इंग्लैंड में भारत के हाई कमिश्नर और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रह चुके हैं।