इस बार श्रावणी पूर्णिमा को चंद्रग्रहण पड़ जाने के कारण प्रसिद्ध श्रावणी उपाकर्म और रक्षा बंधन अलग-अलग तिथियों में पड़ेंगे।
श्रावणी उपाकर्म इसी महीने 28 जुलाई को देशभर के पंडितों द्वारा मना लिया जाएगा, जबकि राखी बंधन का पर्व सात अगस्त को पड़ेगा। ये दोनो पर्व अलग अलग होने से रक्षा बंधन पर बांधे जाने वाले रक्षा सूत्र और यज्ञोपवीत पहले ही तैयार कर लिए जाएंगे।
श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के दिन पूरे देश में रक्षा बंधन का त्यौहार मनाया जाता है। इसी दिन सवेरे से देशभर के तीर्थों पर पंडित और पुरोहित पवित्र रक्षा सूत्रों का संधान करते हैं तथा वर्ष भर पहने जाने वाले यज्ञोपवीत तैयार किए जाते हैं।