राखी का पार्सल रुका होने का झांसा
ठगी का एक तरीका राखी के पार्सल से जुड़ा है। ठग खुद को कूरियर या डाक विभाग का कर्मचारी बताकर फोन और मैसेज कर रहे हैं। इसके बाद पार्सल में पता गलत होने, डिलीवरी अटकने या कस्टम और प्रोसेसिंग फीस जमा करने की बात कही जाती है। कई बार भरोसा जीतने के लिए सिर्फ 20 या 50 रुपये जैसी छोटी रकम जमा करने को कहा जाता है। इसके लिए भेजे गए फर्जी लिंक के जरिये बैंक या यूपीआई संबंधी जानकारी हासिल कर खाते से रकम उड़ाई जा सकती है।
गिफ्ट के चक्कर में न गंवाएं रकम
साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी गिफ्ट को प्राप्त करने के लिए ओटीपी या यूपीआई पिन साझा करने की जरूरत नहीं होती। पुलिस ने अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते या कार्ड संबंधी जानकारी साझा न करें। किसी आकर्षक ऑफर या पार्सल संबंधी संदेश की सत्यता संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा से जांचने को कहा गया है।
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बरतें ये सावधानियां
- अत्यधिक मुनाफे, लॉटरी या फ्री गिफ्ट वाले ऑफर और संदेशों पर भरोसा न करें।
- किसी से भी ओटीपी और पिन शेयर न करें।
- अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें।
- किसी अनजान एप या एपीके फाइल को इंस्टॉल न करें।
- फोन में स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स न डाउनलोड करें
- साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें।