भाई-बहन के रिश्ते की डोर जब दिल से जुड़ती है तो उसके सामने धर्म और मजहब की दीवारें भी छोटी पड़ जाती है। रुड़की में पारुल भाटिया निवासी सिविल लाइंस और भारतनगर निवासी सलमान भाई-बहन की ऐसी ही मिसाल है जो समाज को प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दे रही है। पिछले 12 वर्षों से सोशल वर्कर पारुल भाटिया हर रक्षाबंधन पर अपने भाई सलमान की कलाई पर राखी बांधती आ रही हैं।
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सिविल लाइन क्षेत्र में सलमान सैलून का संचालन करते हैं, जबकि पारुल भाटिया सामाजिक कार्यों से जुड़ी है। दोनों के बीच वर्षों से भाई-बहन जैसा स्नेह और विश्वास कायम है। रक्षाबंधन के पर्व पर पारुल राखी बांधकर भाई सलमान से रक्षा का वचन लेती है। इस दौरान दोनों परिवार भी इस रिश्ते को पूरे सम्मान और अपनत्व के साथ स्वीकार करते हैं।
पारुल भाटिया कहती हैं कि भाई-बहन का रिश्ता किसी धर्म का मोहताज नहीं होता। सलमान उनके लिए सिर्फ भाई नहीं, बल्कि परिवार का अभिन्न हिस्सा है। 12 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा उनके लिए बेहद भावुक और खास है। वहीं सलमान का कहना है कि रिश्ते दिल से बनते हैं, धर्म देखकर नहीं। पारुल हर साल जिस प्यार और स्नेह से राखी बांधती है, वह उनके लिए अनमोल है। उनका यह रिश्ता समाज को आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। दोनों का कहना है कि इंसानियत और प्रेम ही सबसे बड़ा धर्म है।