पत्नी के कत्ल में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले राजेश गुलाटी को शुक्रवार को पॉजीटिव एनर्जी का पाठ पढ़ाया गया। दिल्ली से आए अधिवक्ता उत्कर्ष ने उन्हें अच्छी किताबें पढ़ने का सुझाव दिया है। मुंशी प्रेमचंद की गोदान के साथ तीन पुस्तक के नाम भी राजेश गुलाटी को बताए हैं।
गुलाटी को निगेटिव एनर्जी से दूर रहने को कहा गया है।पत्नी के कत्ल में दोषी ठहराए जाने के बाद से राजेश गुलाटी बेहद तनाव में है। शुक्रवार को आए सजा के फैसले के बाद उसका और कमजोर पड़ना स्वाभाविक था। बातचीत में उसकी निराशा साफ झलक रही थी, क्योंकि सामने सवाल भविष्य का है।
बातचीत में यह दर्द झलका तो राजेश को पॉजीटिव एनर्जी का पाठ पढ़ाया गया। राजेश गुलाटी के अधिवक्ता उत्कर्ष बातचीत में कहते हैं कि जिस इंसान को आजीवन कारावास की सजा हुई है, उसकी पीड़ा का अंदाज लगाना मुमकिन नहीं है। राजेश को इस समय पॉजीटिव एनर्जी की सबसे ज्यादा जरूरत है। इससे ही अच्छी सोच बनती है। जेल में 340 बंदियाें को पढ़ाने के कारण राजेश को बेस्ट बंदी होने का अवार्ड मिला है। राजेश से कहा गया है कि अधिकांश समय पढ़ाई में व्यतीत करे। अच्छी किताबों का अध्ययन करे।