राजबब्बर ने उत्तराखंड राज्य गठन आंदोलन के दौरान खुद की तुलना महाभारत युद्ध में कौरवों की सेना में शामिल होने से की। उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध (राज्य गठन आंदोलन) में कौरवों (समाजवादी पार्टी) के पक्ष में रहना मेरा दोष है लेकिन मैं उस घटना (रामपुर तिराहा कांड) का दोषी नहीं हूं।
घटना (रामपुर तिराहा) को लेकर किसी ने मेरा बयान नहीं सुना होगा। राजबब्बर ने यह बातें उत्तराखंड विधानसभा में पहुंचकर राज्यसभा के लिए चुने जाने का प्रमाण पत्र लेने के बाद कहीं।
रिटर्निंग अफसर जगदीश चंद्र ने शुक्रवार को राजबब्बर को प्रमाणपत्र देकर राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। उन्होंने राज्यसभा सदस्यता का प्रमाणपत्र शहीद पार्क जाकर शहीदों के चरणों मे समर्पित किया।
राजबब्बर ने खुद पर बाहरी और राज्य विरोधी होने के लग रहे आरोपों को पटाक्षेप करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मैं संयुक्त उत्तर प्रदेश के समय राज्य सभा का सांसद था। मैं उत्तराखंड लगातार आता रहा हूं और सिनेमा के साथ 1994 से सक्रिय हूं।