गर्भवती होने या घने जंगल में जाने की पुष्टि नहीं
लापता बाघिन के गर्भवती होने और उसके टाइगर रिजर्व के कोर टाइगर हैबिटेट जोन में कहीं होने की संभावनाओं को लेकर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने कहा कि इस बात की अभी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। उसके मिलने के बाद ही पता चलेगा कि वह गर्भवती है या नहीं। यदि वह गर्भवती है तो यह टाइगर रिजर्व के लिए खुशखबरी है। फिलहाल उसको खोजने पर जोर है।
बाघिन की खोज में जुटीं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीमें
लापता बाघिन की खोजबीन के लिए टाइगर रिजर्व की टीम के साथ वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फाउंडेशन (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की टीमों को भी लगाया गया। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने भी टाइगर रिजर्व के निदेशक से मामले की जानकारी ली है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के कार्यवाहक निदेशक राजीव धीमान के मुताबिक, सर्च अभियान में लापता बाघिन के पैरों के निशान चिल्लावाली रेंज की ओर मिले हैं। उसकी कुछ गतिविधियां ट्रैप कैमरों में भी कैद की गई है।
हालांकि, अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाया है कि वह कहां है। दूसरी ओर, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने यूपी के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से भी बात कर बाघिन की खोजबीन में मदद मांगी है। यूपी वन विभाग के अधिकारियों की अगुवाई में भी टीमें टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में बाघिन को खोज रही हैं।