राजाजी नेशल पार्क में बाघों के संरक्षण के लिए पार्क की नौ रेंजों को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है।
सभी रेंज में बाघों की आबादी बढ़ाने के लिए जोड़े छोड़े जाएंगे। टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद अब राजाजी नेशनल पार्क का नाम भी बदलकर ‘राजाजी टाइगर रिजर्व’ हो जाएगा।
राजाजी नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित करने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी। पार्क से सटे गांव श्यामपुर क्षेत्र के लोगों ने टाइगर रिजर्व बनाने का विरोध किया था। लोगों का कहना था कि राजाजी नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित करने के बाद बाघ आबादी में घुसेंगे।
टाइगर रिजर्व में पार्क की सभी नौ रेंज गोहरी, चीला, हरिद्वार, मोतीचूर, बेरीवाड़ा, धौलखंड, रामगढ़, चीलावाली, कांसरो सहित पुनवार्स क्षेत्र पथरी गुर्जर बस्ती, खांड़गांव पुनर्वास क्षेत्र, गैंडीखाता पुनर्वास क्षेत्र भी इसमें शामिल होंगे। वन मंत्री दिनेश अग्रवाल चीला रेंज मुख्यालय में दोपहर साढे़ बारह बजे ‘राजाजी टाइगर रिजर्व’ की औपचारिक घोषणा करेंगे।
जिसमें यमकेश्वर की विधायक विजया बड़थ्वाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेगी। टाइगरों के संरक्षण के लिए केंद्र से सहायता मिलेगी। आने वाले समय सैलानी बाघों का दीदार कर सकेंगे।