दून में फुटबॉल का पाठ सीखने वाले युवा फुटबॉलर राजा रावत का चयन भारतीय अंडर-19 फुटबॉल टीम के लिए किया गया है। टीम के साथ अब राजा 5 अगस्त से चायना की पहली बांधा पार करने के लिए रवाना होंगे। जिसके बाद कतर में होने वाली अंडर-19 एएफसी कप फुटबॉल चैम्पियनशिप में खेलने जाएंगे।
बचपन में पिता को खोने के बावजूद मां के मिले हौंसले के दम पर पौड़ी निवासी राजा रावत ने आज फुटबॉल के मैदान पर खुद को साबित कर दिया है। स्पोर्ट्स कॉलेज से फुटबॉल की बारीकियां सीखने के बाद राजा अंडर-19 फुटबॉल टीम के भरोसेमंद मिडफील्डर बन गए हैं।
फुटबॉल की ओर रूझान बढ़ा
करीब 7 साल की उम्र में बड़े लड़कों को खेलते देख राजा रावत ने फुटबॉल की ओर रूझान बढ़ा। साल 2006-07 में स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए हुए ट्रायल में राजा ने शानदार प्रर्दशन के दम पर कॉलेज का टिकट हासिल किया। करीब तीन साल तक स्पोर्ट्स कॉलेज में रहकर खेल की बारीकियां सीखने के बाद साल 2010 में राजा रावत ने स्पोर्ट्स हॉस्टल में प्रवेश लिया।
जहां खेल को तराशने के बाद भारतीय अंडर-16 टीम में राजा जगह बनाने में सफल रहे। इस दौरान राजा ने काठमांडू में 2011 में हुई अंडर-16 सैफ चैम्पियनशिप में रजत पदक विजेता टीम के सदस्य भी बन चुके हैं।
दिखाएंगे अपना दम
इसके साथ ही वे एशियन क्वालीफायर, तेहरान व उजबेकिस्तान में हुई एएफसी-16 चैम्पियनशिप में भी भारतीय टीम का हिस्सा बने। एआईएफएफ की अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे राजा का चयन अब अंडर-19 टीम के लिए किया गया है। जो अगस्त में चीन में होने वाले मैत्री मैचों के बाद कतर में होने वाली अंडर-19 एएफसी फुटबॉल चैम्पियनशिप में अपना दम दिखाएंगे।
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