सोमवार को प्रदेश के नौ जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा कई इलाकों में अच्छी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करने के साथ ही एडवाइजरी जारी कर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को राजधानी देहरादून, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जिले के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, बागेश्वर जिलों में भी कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश होने का अनुमान है।
मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि नौ जिलों में बहुत भारी व अन्य जिलों में बारिश हो सकती है। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका है। ऐसे में हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही रोकने का सुझाव दिया गया है। साथ ही राज्य सरकार से अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
रविवार को हुई बारिश के कारण अगथला गदेरे का मलबा फिर बदरीनाथ हाईवे पर आ गया जिससे हाईवे पर एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही। एनएचआईडीसीएल की ओर से जेसीबी से मलबे को हटाया गया, जिसके बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई।
मठ-झड़ेता मोटर मार्ग के समीप नवनिर्मित गैस गोदाम का पुश्ता शनिवार रात को भरभराकर गिर पड़ा, जिससे सड़क अवरुद्ध हो गई। इससे सड़क के निचले हिस्से में बने मकानों को खतरा हो गया है। शनिवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से रात ग्यारह बजे मठ-झड़ेता सड़क किनारे स्थित गैस गोदाम का पुश्ता भरभरा कर गिर गया।
लगातार हो रही बारिश सड़कों पर कहर बरपा रही है। सड़कों के मलबे से पट जाने या भूस्खलन की चपेट में आने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। रविवार को भी मंडल में कई सड़कें नहीं खुल पाई और कई अन्य सड़कें भी मलबे से पट गईं।
पहाड़ी कटिंग के चलते यातायात के लिए बंद किया गया पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग चौथे दिन भी नहीं खुला। यात्री झूला पुल से दो किलोमीटर पैदल चलकर दूसरी ओर पहुंचे। बैजनाथ-बागेश्वर मोटर मार्ग पर कालिका मंदिर (बैजनाथ) के पास बेली ब्रिज निर्माण के चलते वाहनों का आवागमन बंद होने से प्रसूता को ले जा रही एंबुलेंस आगे नहीं जा सकी।
इससे प्रसव पीड़िता की जान पर बन आई। परिजनों ने बागेश्वर से 108 एंबुलेंस मंगवाई। किसी तरह महिला को बागेश्वर जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। वहीं बैजनाथ मोटर मार्ग सोमवार को भी बंद रहेगा। पहले इसके सोमवार सुबह आठ बजे खुलने की बात कही गई थी। अब इस मार्ग से यातायात मंगलवार की सुबह सात बजे शुरू होगा।
गणाईगंगोली (पिथौरागढ़) के सिमल्टा में मलबा गिरने से एक पिकप वाहन दब गया। अतिबृष्टि से सिरतोला से खरतोली को जोड़ने वाली पुलिया बह गई है। धारचूला के कालिका में भूस्खलन से एक मकान खतरे की जद में आ गया है। एक गौशाला ध्वस्त हो गई। नाचनी में कई गांवों के पैदल मार्ग दो दिन से बंद है।
इससे वहां दैनिक उपयोग की वस्तुओं का अभाव हो गया है। चंपावत-मंच-तामली मोटर मार्ग पर मौनपोखरी के पास एक पेड़ के गिरने से बड़ा हादसा बच गया। जहां पर पेड़ वहीं समीप में एक कार खड़ी थी जो क्षतिग्रस्त होने से बच गई।
नैनीताल जिले में भल्यूटी, देवीपुरा-सौड़, फतेहपुर-बेल बसानी सड़कें एक हफ्ते से बंद हैं। रविवार को हरतपा-हली सड़क भी बंद हो गई। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग टिपनटॉप के पास मलबा आने से आधे घंटे बंद रहा। शनिवार से बंद अमोड़ी-खटोली मल्ली रोड दूसरे दिन भी नहीं खुल सकी।