देहरादून रेलवे स्टेशन से त्यागी रोड और रेसकोर्स की तरफ निकलने वाले रास्ते को बंद करने की तैयारी है। इससे आढ़त बाजार और सहारनपुर चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था और खराब होने की आशंका है।
स्टेशन पर प्रभावित होता है यातायात
सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पूर्व मुरादाबाद रेल मंडल के अधिकारी निरीक्षण पर आए तो स्थानीय अफसरों ने इस रास्ते पर कारों की आवाजाही से स्टेशन पर यातायात प्रभावित होने की बात कही।
इस पर अफसरों की कमेटी ने बैरियर लगाने पर सहमति दे दी। हालांकि, सोमवार को सड़क पर चार पहिया वाहन निकलते रहे लेकिन रेलवे ने कारों के लिए रास्ता बंद होने के बोर्ड लगा दिए हैं।
वहीं, सड़क पर आटो के संचालन पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जीआरपी एसओ आरपी सती ने बताया कि उन्हें आज ही जानकारी मिली है। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया जाएगा।
यह होगी परेशानी
रेसकोर्स से सहारनपुर चौक: अभी रेसकोर्स से सहारनपुर चौक आने वाले वाहन चालक स्टेशन वाली रोड से आढ़त बाजार होते हुए निकल जाते हैं।
रास्ता बंद होने पर उन्हें या तो आराघर चौक होते हुए प्रिंस चौक आना होगा या फिर त्यागी रोड से प्रिंस चौक पहुंचना होगा।
प्रिंस चौक से वे आढ़त बाजार होकर सहारनपुर चौक पहुंचेंगे। ऐसे में दूरी करीब तीन से चार किलोमीटर तक बढ़ जाएगी।
सहारनपुर चौक पर लगेगा जामः आढ़त बाजार के पास यातायात का दबाव बढ़ने पर पुलिस कई बार रेलवे स्टेशन वाली रोड पर रूट डायवर्ट कर देती है।
मसूरी बस अड्डे से मसूरी और पर्वतीय रूटों पर जाने वाली रोडवेज बसों को भी इस रास्ते से प्रिंस चौक निकाल दिया जाता है।
सड़क बंद होने के बाद बसें आढ़त बाजार से सहारनपुर चौक जाएंगी, वहां से मुड़कर फिर प्रिंस चौक पहुंचेंगी। इससे रास्ता करीब डेढ़ किलोमीटर बढ़ जाएगा, जबकि सहारनपुर चौक पर वाहनों के यू-टर्न लेने के दौरान जाम की समस्या बढ़ेगी।
सहारनपुर चौक से धर्मपुर: सहारनपुर रोड से आराघर, धर्मपुर निकलने वाले अधिकतर वाहन प्रिंस चौक पर वाहनों के दबाव से बचने के लिए रेलवे रोड का इस्तेमाल करते हैं।
रास्ता बंद होने के बाद उन्हें प्रिंस चौक, आराघर चौक होते हुए ही निकलना होगा। इससे सफर करीब तीन किलोमीटर लंबा हो जाएगा।
मंत्री ने की डीआरएम से बात
पूर्व पार्षद अनूप कपूर और स्थानीय लोगों ने रेलवे के निर्णय पर विरोध जताया है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल से शिकायत की है।
मंत्री ने मंडलीय प्रबंधक रेलवे मुरादाबाद से फोन पर बात करके इस व्यवस्था से जनता को होने वाली समस्या की जानकारी दी और निर्णय वापस लेने की मांग की। पूर्व पार्षद कपूर ने बताया कि व्यवस्था वापस नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।