ताल में पानी निकासी के दो बिंदु मिले
इसमें वाडिया, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यूएलएमएमसी, आईआईआरएस, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के कर्मी शामिल थे। इस दल ने सोनार आधारित इको साउंडर नाव समेत अन्य आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए वसुधंरा ताल का अध्ययन किया है इसमें वसुंधरा ताल की लंबाई 900 मीटर चौड़ाई 600 मीटर मिली है इसके अलावा लाल की गहराई करीब 38 मीटर है।
सर्वे में सामने आया है कि ताल के पानी का स्रोत रायकाना ग्लेशियर है। इस ताल जल निकासी के बारे में जानकारी दी गई है। ताल में पानी निकासी के दो बिंदु मिले हैं। इसमें एक निकासी की चौड़ाई चार मीटर और गहराई 1.3 मीटर है। दूसरी निकासी दो छोटी झील के माध्यम से हो रही है।
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रिपोर्ट में भूस्खलन, हिमस्खलन की स्थितियों के बारे में उल्लेख किया गया है। पिछले महीने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में बैठक हुई थी, इसमें भी संबंधित झील से जुड़े अध्ययन के बिंदुओं को साझा किया गया था।