विपक्षियों पर लगातार पैने तीर चला रहे राहुल गांधी उत्तराखंड में नये अवतार में दिखे। उन्होंने अटल के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरा।
उत्तराखंड से अपने नाना पंडित नेहरू, पिता राजीव गांधी और खुद अपना जज्बाती जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य के साथ दर्द का रिश्ता कायम करने की कोशिश की।
गौचर के रामलीला मैदान में मंगलवार को पौड़ी के पार्टी उम्मीदवार डॉ हरक सिंह रावत के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए अपने 31 मिनट के भाषण में राहुल गांधी ने मुख्य रूप से भाजपा पर निशाना साधा।
कंधार हाईजैक, मुंबई बमकांड एनडीए की देन
राहुल ने कहा, वे देश से आतंकवाद खत्म करने की बात करते हैं। लेकिन एनडीए सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में 22 हजार लोग आतंकवाद का शिकार हुए। जबकि कांग्रेस के शासनकाल में केवल 800 लोग आतंकवाद के शिकार हुए।
कंधार हाईजैक और मुंबई बम कांड भी इसी सरकार की देन रही है। कांग्रेस सरकार के पिछले पांच साल के कार्यकाल में सिर्फ 800 लोग ही आतंकी हमलों में मारे गए हैं।
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने इंडिया शाइनिंग का नारा दिया था। अंग्रेजी का नारा मजदूर और किसान की समझ से दूर था। जबकि कांग्रेस ने पिछले दस वर्षो में देश से 15 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया है।
मनरेगा, गौरा विद्या धन योजना, खाद्य सुरक्षा, सूचना और शिक्षा का अधिकार कांग्रेस ने आमजन को दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य इंदिरा आवास योजना के तहत हर गरीब को छत मुहैया कराना है।
उत्तराखंड से जोड़ा पारिवारिक रिश्ता
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने खुद से राज्य के पारिवारिक रिश्ते का जिक्र किया। कहा कि नेहरू जी यहां तीन बार जेल में रहे जबकि मेरे पिता और मैंने देहरादून से शिक्षा ग्रहण की है। उत्तराखंड भले ही छोटा राज्य है। लेकिन देश की सुरक्षा में इसका सबसे बड़ा योगदान है।
यहां की महिलाएं प्रदेश को आगे बढ़ाने में हर क्षेत्र में सक्रियता से कार्य कर रही हैं। राहुल आपदा का भी उल्लेख करना नहीं भूले।
कहा कि बीते वर्ष जून माह में भयंकर आपदा ने उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया था। उस दौरान मैं यहां आया और प्रभावितों से मिला।
दिल्ली सरकार ने भी प्रदेश को विपदा से निबटने के लिए सात हजार करोड़ रुपये दिए, जिसका प्रदेश सरकार ने बेहतर उपयोग किया है। कहा कि चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। उम्मीद है कि समय पर तैयारियां पूरी होंगी और इस वर्ष यात्रा सफल रहेगी।
मेड-इन-चाइना नहीं मेड-इन-गौचर
उन्होंने कहा कि 60 वर्षों में देश धीरे-धीरे प्रगति की ओर बढ़ रहा है। अमेरिका और इंग्लैंड जिस नजर से पहले देखते थे। अब उनकी नजर में भी बदलाव आया है। देश में बीते वर्षों से पर्याप्त धन आ रहा है, जिससे प्रगति के द्वार खुले हैं।
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं आने वाले समय में हम मेड-इन चाइना की टी-शर्ट या घड़ी के बजाय मेड-इन गौचर और उत्तराखंड के उत्पादों का उपयोग करें।
उन्होंने उत्तराखंड में सरकारी रोजगार के साथ लघु-कुटीर उद्योग को भी बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार को ठोस नीति बनाने को कहा। राहुल ने वन-रैंक-वन पेंशन, वृद्ध और विकलांग पेंशन, रसोई गैस सिलेंडर का कोटा बढ़ाने का श्रेय भी केंद्र सरकार को दिया।