छात्रों की गूंज में युवाओं ने उठाया रोजगार का मुद्दा
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पहुंचे युवाओं ने अपने मुद्दों को मजबूती से उठाया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और कॅरिअर के सीमित अवसरों पर चिंता जताई। युवाओं ने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत रोजगार की है और इस दिशा में ठोस नीतिगत फैसले किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं उनके सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हैं। युवाओं ने यह भी कहा कि सरकार को युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
-पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही है। भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती, जिससे निराशा बढ़ रही है।
- तनिषा
-महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए। युवाओं के मुद्दों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
- सुर
-सरकारी नौकरियों की संख्या कम हो रही है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों युवा शामिल होते हैं। युवाओं के हाथा खाली हैं।
- दिव्यांशी
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-स्किल डेवलपमेंट की बात तो होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर कम ही दिखता है। वर्तमान समय में रोजगार बहुत बड़ा मुद्दा है।
- निष्कर्ष
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है। सरकार को इस पर ध्यान देना होगा।
- प्रशांत
अगर समय रहते रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो यह आने वाले समय में बड़ी समस्या बन सकता है।
- पियूष