प्रदेश में रेडियो टैक्सी के संचालन के लिए नीति तय होने तक ऐसे वाहन नहीं दौड़ सकेंगे। परिवहन आयुक्त एस रामास्वामी ने इस बाबत सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और परिवहन अधिकारियों को पत्र भेज रेडियो टैक्सी का संचालन बंद कराने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया है। देहरादून में दो रेडियो टैक्सी को जब्त (सीज) कर लिया गया।
प्रदेश में अब तक ‘रेडियो टैक्सी पालिसी’ नहीं बनी है। दिल्ली में युवती से दुराचार और चकराता में दोहरे हत्याकांड में टैक्सी चालकों की संलिप्तता के बाद प्रदेश सरकार ने इस ओर कदम बढ़ाया। लेकिन नीति आने तक रेडियो टैक्सी के संचालन पर रोक लगा दी।
अब कोई भी होटल या ट्रैवल एजेंसी संचालक टैक्सियों की ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर सकेगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रामप्रकाश राठौड़ ने बताया कि दून में बृहस्पतिवार से अभियान शुरू किया गया। इस दौरान दो रेडियो टैक्सी जब्त की गई। अभियान अब हर दिन चलेगा। बताया कि होटल स्वामियों को भी हिदायत दी जा रही है।
यह है रेडियो टैक्सी
महानगरों में हेल्पलाइन नंबर के जरिये टैक्सी बुक की जाती हैं। रेडियो सिग्नल नेटवर्क से जुड़ी टैक्सियों को रेडियो टैक्सी कहा जाता है। प्रदेश में उन टैक्सियों को इस श्रेणी में रखा गया है, जिनकी बुकिंग ट्रैवल एजेंसियों की वेबसाइट पर ऑनलाइन या फोन नंबरों के जरिये की जाती है। जो दो टैक्सी सीज की गईं, उनकी बुकिंग इसी तरह हुई थी।