मसूरी वन प्रभाग में सवा चार करोड़ से पौधरोपण योजना बनाई गई
मसूरी वन प्रभाग की छह रेंजों में सवा चार करोड़ से प्रस्तावित मियावाकी पौधरोपण की योजना पर भी सवाल उठाया गया है। पत्र में कहा गया है कि मियावाकी पौधरोपण में 7 से 8 फीट की ऊंचाई के पौधे 100 से 400 प्रति पौध की दर से क्रय प्रस्तावित की गई है। जो अत्यंत आपत्तिजनक है। इसके अलावा प्रारंभ में सात- आठ फीट के पौधे प्रारंभ में ही रोपित करना हास्यास्पद है। क्योंकि इस तकनीक का आधार ही नजदीक रोपण कर पारस्परिक प्रतिस्पर्द्धा द्वारा दो से तीन वर्षों में इस ऊंचाई तक लाना है। इससे सिद्ध होता है कि बिना तकनीकी ज्ञान, विचार-विमर्श कर सरकारी धनराशि का अपव्यय अनुचित दरों में प्रस्ताव सृजित किया गया।
पांच साल में 15 लाख खर्च
मुख्य वन संरक्षक के पत्र में कहा गया है कि देहरादून जिले के कालसी में उच्चकोटी का एक हेक्टेयर में मियावाकी वन पर पांच साल में 1483651 खर्च हुई है, यह दोनों प्रस्ताव से काफी कम है। ऐसे में वन अनुसंधान वृत्त ने प्रति हेक्टेयर की मियावाकी रोपण की दरें तय की है, उन दरों से व्यय कराना सुनिश्चित कराया जाए।
ये भी पढ़ें...Haridwar: पत्नी का गला रेतकर निर्मम हत्या, फिर खुद फांसी लगाकर पति ने की आत्महत्या, दिल दहला देने वाली वारदात
प्रकरण की जांच कराई जा रही : पीसीसीएफ
प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन का कहना है कि प्रकरण में जांच कराने के साथ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, देहरादून वन प्रभाग के डीएफओ नीरज शर्मा का कहना है कि मानकों के हिसाब से योजना को तैयार किया गया। डीएफओ मसूरी वन प्रभाग अमित कंवर का कहना है कि सीसीएफ कार्ययोजना के योजना को लेकर सवाल थे, उसके बाद नए सिरे से योजना को तैयार किया जा रहा है, जो कमियां होगी उसे सुधार लिया जाएगा।