ग्राफिक एरा में शोधार्थियों को शोध नैतिकता, प्रभावी शोध लेखन और प्रकाशन के मानकों का प्रशिक्षण देने के लिए तीन दिवसीय सम्मेलन शुरू हो गया। विवि के प्रो. चांसलर डाॅ. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध किसी भी देश और समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नवाचार और शोध के माध्यम से नई संभावनाओं को तलाशना चाहिए। डीन ऑफ रिसर्च कोलैबोरेशन डाॅ. मांगेराम ने शोध प्रक्रिया के दौरान अपनाए जाने वाले नैतिक मानकों, प्रभावी लेखन शैली और प्रकाशन से जुड़े नियमों की जानकारी दी। सम्मेलन में ग्राफिक एरा डीम्ड विवि, हिल विवि, एचएनबी गढ़वाल विवि, एनआईटी कुरुक्षेत्र समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों के 80 से अधिक शोधकर्ता शामिल हो रहे हैं। इस मौके पर डाॅ. संतोष एस सर्राफ, डाॅ. भास्कर पंत, डाॅ. सत्यजीत सिंह, डाॅ. शिवम रावत, डाॅ. सृष्टि खारोला आदि मौजूद रहे।