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Pushkar Kumbh: भीड़ के सामने चरमराई व्यवस्था, चार घंटे तक लाइन में खड़े रहे श्रद्धालु, बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था

Thu, 15 May 2025 10:08 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, बदरीनाथ (चमोली)

सार

पुष्कर कुंभ को लेकर दक्षिण भारत से भारी तादात में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को कुंभ के दूसरे दिन जब माणा गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी तो व्यवस्थाएं बौनी साबित हुईं जिससे श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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पुष्कर कुंभ में अव्यवस्था - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुष्कर कुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचने से प्रशासन की व्यवस्था चरमरा गई। हालत यह रही कि श्रद्धालुओं को भीमपुल से केशवप्रयाग तक पहुंचने के लिए करीब चार घंटे तक लाइन में खड़े रहना पड़ा। कुछ श्रद्धालु इससे नाराज भी दिखे।

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पुष्कर कुंभ को लेकर दक्षिण भारत से भारी तादात में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को कुंभ के दूसरे दिन जब माणा गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी तो व्यवस्थाएं बौनी साबित हुईं जिससे श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। माणागांव से भीम पुल वाला मार्ग पैक रहा। मार्ग पर पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात रहे, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि उन्हें भीड़ काबू करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। संगम पर आने-जाने के लिए एक ही मार्ग होने से श्रद्धालुओं को घंटों तक लाइन में लगना पड़ रहा है।

सुबह यहां चार घंटे तक श्रद्धालु लाइन में लगे रहे, उसके बाद उन्हें संगम पर स्नान करने का मौका मिला। वहीं सरस्वती नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे। नदी में स्नान करने वाले क्षेत्र में न तो रेलिंग लगाई गई थी न ही सुरक्षा के कोई अन्य इंतजाम नजर आए। हालांकि एसडीआरएफ के जवान तैनात थे लेकिन संगम पर लोग बिना सुरक्षा इंतजाम के ही स्नान करते नजर आए।
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Pushkar Kumbh: देश के प्रथम गांव में 12 साल बाद लगा पुष्कर कुंभ, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

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शौचालय न कपड़े बदलने की व्यवस्था
सरस्वती नदी व अलकनंदा नदी के संगम पर श्रद्धालु स्नान करने के लिए पहुंचे लेकिन यहां पर न तो शौचालय की व्यवस्था की गई है और न ही कपड़े बदलने की। इस कारण श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पार्किंग की भी व्यवस्था नहीं
पुष्कर कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पार्किंग की भी यहां पर कोई व्यवस्था नहीं दिखी। लोगों ने हाईवे किनारे वाहन खड़े कर दिए। स्थिति यह रही कि सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े होने से कई श्रद्धालु दो किमी पैदल चलकर संगम तक पहुंचे।

प्रशासन ने नहीं दिखाई गंभीरता
माणा गांव के निवर्तमान प्रधान व प्रशासक पीतांबर मोल्फा पुष्कर मेले के पहले दिन की व्यवस्था को लेकर खासे नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि पुष्कर कुंभ में दो लाख तक श्रद्धालुओं के आने की सूचना प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी। पर्यटन विभाग ने पुष्कर कुंभ को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं।

धाम में 10 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। व्यवस्था बनाने के लिए एसडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी की तैनाती की गई है। माणा गांव से सरस्वती नदी तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने में जवान मदद कर रहे हैं।
- बिपेंद्र सिंह, सीओ बदरीनाथ।
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बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था, अतिरिक्त बल तैनात
माणा गांव में पुष्कर कुंभ में भीड़ बढ़ने से बनी अव्यवस्था के चलते जिलाधिकारी संदीप तिवारी और एसपी सर्वेश पंवार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि पुष्कर कुंभ ड्यूटी में एक प्लाटून आईटीबीपी और जिले के दो थाना प्रभारियों को नियुक्त किया जाए। डीएम ने नगर पंचायत को संगम स्थल पर चेंजिंग रूम और शौचालय की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। माणा गेट से एक किमी पहले टैंट लगाकर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने को कहा। यहां से सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को आगे भेजा जाएगा। इस जगह पर बैरिकेडिंग की जाएगी।

इसकी जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक चारधाम को सौंपी गई है। एडीएम व एसडीएम ज्योतिर्मठ को केशवप्रयाग तक रास्ते को सुधारने, सुरक्षा के लिए रेलिंग या लकड़ी की बल्लियां लगाने को कहा। डीएम ने निर्देश दिए कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण करें, ताकि अव्यवस्थाओं की संभावनाओं को तत्काल ठीक किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता को प्राथमिकता में रखें।
 
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