राहुल रैंसवाल 2012 में फौज में भर्ती हुआ था। जबकि शहीद का बड़ा भाई राजेश रैंसवाल भी 2009 से फौज में है और इस वक्त 15 कुमाऊं में लखनऊ में तैनात है। राहुल के दादा भी फौज में ही थे। अपर जिलाधिकारी टीएस मर्तोलिया ने बताया कि शहीद राहुल रैंसवाल का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
बता दें कि मंगलवार को ख्रीव के जंतरंग इलाके में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस आधार पर सेना की 50 राष्ट्रीय राइफ ल्स (आरआर), सीआरपीएफ और एसओजी के जवानों ने सुबह करीब 11 बजे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।
घेरा सख्त होने पर वहां एक मकान में छिपे आतंकियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, तो सुरक्षा बलों ने भी जवाबी फायरिंग की। आतंकियों के हमले में 18 कुमाऊं (अभी 50 आरआर) के जवान राहुल रैंसवाल की शहादत हो गई।