फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेएनयू की चर्चित पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शेहला राशिद पर मुकदमा, पुलवामा हमले के बाद बिगाड़ा सौहार्द

Tue, 19 Feb 2019 08:43 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
शेहला राशिद
विज्ञापन

जवाहरलाल नेहरू विवि की चर्चित पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शेहला राशिद के खिलाफ दून के प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

विज्ञापन


शेहला पर आरोप है कि उन्होंने ट्वीट कर दून में कश्मीरी छात्राओं को कमरे में बंद करने की बात कही थी। आरोप है कि उनके इस ट्वीट से राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ा जबकि, कश्मीरी छात्राओं ने ऐसी किसी भी बात से इंकार किया था। 

गत 14 फरवरी पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद दून में कुछ कश्मीरी छात्रों ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद कई संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रेमनगर क्षेत्र स्थित शिक्षण संस्थानों के बाहर कश्मीरी छात्रों के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

विज्ञापन

आपत्तिजनक ट्वीट कर किया

इस मामले में एक छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे अगले दिन गिरफ्तार भी कर लिया गया। इसके बाद अफवाहें फैलीं कि कुछ कश्मीरी छात्राओं का भी विवाद साथी छात्राओं से हुआ। हालांकि, पुलिस जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। इस बीच 16 फरवरी को शेहला राशिद ने अपने ट्वीटर अकाउंट से एक आपत्तिजनक ट्वीट कर दिया।

इस ट्वीट में उन्होंने कश्मीरी छात्राओं को होस्टल में बंद करने की बात लिखी थी। चूंकि, शेहला राशिद का यह ट्वीट दुनियाभर के लोगों ने देखा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उनका यह कृत्य देश की अखंडता पर प्रतिकूल असर डालने और लोक शांति भंग करने की श्रेणी में आता है।

इससे देश की छवि भी धूमिल हुई। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि एक स्थानीय निवासी की तहरीर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153ख (राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव), 504 (लोक शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करना) और 505 (सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने) के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। 
विज्ञापन

क्या हैं शेहला के ट्वीट 

16 फरवरी सुबह 5.57 बजे 
15-20 कश्मीरी लड़कियों को देहरादून के एक हॉस्टल में घंटों बंद रखा गया। हॉस्टल के बाहर गुस्साई भीड़ उन्हें निकालने की मांग कर रही थी। पुलिस भी वहां मौजूद थी मगर भीड़ को हटा नहीं पा रही। यह इंस्टीट्यूट डाल्फिन है। 

17 फरवरी रात 12.11 बजे 
डॉल्फिन इंस्टीट्यूट की लड़कियां सुरक्षित हैं। उत्तराखंड पुलिस उनकी सुरक्षा कर रही है। उनके ऊपर जो पाकिस्तान के साथ कुछ करने की आक्षेप व अफवाहें थी वह झूठी हैं। मैं श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्टू का धन्यवाद करना चाहूंगी, जिन्होंने लड़कियों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त कराया है। 

विवादों में रहीं हैं शेहला राशिद 
शेहला राशिद शोरा खासी विवादों में रही हैं। उन पर आरोप था कि उन्होंने कन्हैया कुमार और उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन किया था। अलीगढ़ मुस्लिम विवि के भी छात्रसंघ की ओर से उनके खिलाफ फरवरी 2017 में मुदकमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि उन्होंने मोहम्मद साहब पर अभद्र टिप्पणी की थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें