इस मामले में एक छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे अगले दिन गिरफ्तार भी कर लिया गया। इसके बाद अफवाहें फैलीं कि कुछ कश्मीरी छात्राओं का भी विवाद साथी छात्राओं से हुआ। हालांकि, पुलिस जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। इस बीच 16 फरवरी को शेहला राशिद ने अपने ट्वीटर अकाउंट से एक आपत्तिजनक ट्वीट कर दिया।
इस ट्वीट में उन्होंने कश्मीरी छात्राओं को होस्टल में बंद करने की बात लिखी थी। चूंकि, शेहला राशिद का यह ट्वीट दुनियाभर के लोगों ने देखा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उनका यह कृत्य देश की अखंडता पर प्रतिकूल असर डालने और लोक शांति भंग करने की श्रेणी में आता है।
इससे देश की छवि भी धूमिल हुई। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि एक स्थानीय निवासी की तहरीर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153ख (राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव), 504 (लोक शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करना) और 505 (सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने) के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
16 फरवरी सुबह 5.57 बजे
15-20 कश्मीरी लड़कियों को देहरादून के एक हॉस्टल में घंटों बंद रखा गया। हॉस्टल के बाहर गुस्साई भीड़ उन्हें निकालने की मांग कर रही थी। पुलिस भी वहां मौजूद थी मगर भीड़ को हटा नहीं पा रही। यह इंस्टीट्यूट डाल्फिन है।
17 फरवरी रात 12.11 बजे
डॉल्फिन इंस्टीट्यूट की लड़कियां सुरक्षित हैं। उत्तराखंड पुलिस उनकी सुरक्षा कर रही है। उनके ऊपर जो पाकिस्तान के साथ कुछ करने की आक्षेप व अफवाहें थी वह झूठी हैं। मैं श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्टू का धन्यवाद करना चाहूंगी, जिन्होंने लड़कियों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त कराया है।
विवादों में रहीं हैं शेहला राशिद
शेहला राशिद शोरा खासी विवादों में रही हैं। उन पर आरोप था कि उन्होंने कन्हैया कुमार और उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन किया था। अलीगढ़ मुस्लिम विवि के भी छात्रसंघ की ओर से उनके खिलाफ फरवरी 2017 में मुदकमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि उन्होंने मोहम्मद साहब पर अभद्र टिप्पणी की थी।