प्रदेश में अब बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने के साथ ही इंजेक्शन भी लगाया जाएगा। राज्यपाल डॉ. केके पाल ने मंगलवार को दून महिला अस्पताल में एक बच्ची को इंजेक्शन लगवाकर इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (आईपीवी) का शुभारंभ किया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि यह अभियान प्रदेश के दुर्गम इलाकों तक भी पहुंचना चाहिए।
मंगलवार को कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल डॉ. केके पाल ने कहा कि यह अभियान केवल जिला स्तर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। यह अभियान दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। बच्चे समाज की महत्वपूर्ण इकाई हैं, जिनके स्वस्थ रहने से समाज व देश का विकास होगा। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में यह इंजेक्शन नवजातों को 1200 से 1400 रुपये में लगाया जाता है। जो लोग गरीब परिवारों से हैं, वे इसका लाभ नहीं ले पाते हैं। ऐसे में अब सभी नवजातों को इसका लाभ मिल सकेगा।
दूरस्थ इलाकों में भी चले अभियान
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाज को पोलियो मुक्त बनाने के लिए टीकाकरण कार्यक्रम को प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में अभियान के तहत चलाया जाए, ताकि पोलियो उन्मूलन का शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल हो सके। उन्होंने कहा कि डॉक्टर व दवा की नीतियों में आने वाली खामियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। सभी अस्पतालों में चाहे वे दुर्गम हो या सुगम, सभी में डॉक्टर और दवाएं उपलब्ध होंगी।
इस मौके पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश, स्वास्थ्य सचिव भूपिंदर कौर औलख, एनआरएचएम के मिशन निदेशक नीरज खैरवाल, संयुक्त निदेशक डॉ. सरोज नैथानी, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा, अपर निदेशक डॉ. आरएस असवाल आदि मौजूद रहे।
सीएमओ दें सीएचसी-पीएचसी की रिपोर्ट
राज्यपाल ने कहा कि पिछले छह दशकों में स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी सुधार आया है,लेकिन एक बड़ी आबादी अब भी इलाज से वंचित है। हमें अति दूरस्थ क्षेत्रों तक भी अपनी पहुंच बनानी होगी। कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार क्षेत्र भ्रमण करें। यह देखें कि पीएचसी-सीएचसी स्तर पर क्या कमियां हैं। उन्हें जल्द ही सुलझाया जाएगा।
क्या है आईपीवी
नवजात शिशुओं की संपूर्ण सुरक्षा के लिए आईपीवी ‘इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन’ को टीकाकरण में शामिल किया गया है। यह वैक्सीन साढ़े तीन माह के बच्चों को दिया जाएगा। जिससे पोलियो के तीनों विषाणुओं से सुरक्षा मिलेगी।