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अशासकीय महाविद्यालयों में अब लोक सेवा आयोग से होंगी नियुक्तियां, शिक्षा मंत्री ने जारी किए निर्देश

Thu, 30 May 2019 08:24 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड के अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियां अब उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएंगी। साथ ही इन महाविद्यालयों को अब गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से असंबद्ध कर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध किया जाएगा।

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इस संबंध में बुधवार को उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बैठक कर इनके प्रबंधन प्रतिनिधियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। बैठक में डीएवी समेत कई महाविद्यालयों के प्रबंधक अनुपस्थित रहने पर शिक्षा मंत्री ने नाराजगी जताई।

अशासकीय महाविद्यालयों को लेकर प्रदेश सरकार सख्त है। बुधवार को हुई बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के रुख से यह बात साफ हो गई है कि आने वाला समय इन महाविद्यालयों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। इन्होंने बैठक में उपस्थित अशासकीय महाविद्यालयों के प्रबंधन एवं इनके प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि दो-तीन माह में वह अपने-अपने प्रबंधकों से बात करके खाली पदों को लेकर प्रस्ताव भेजें ताकि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से इनमें शिक्षकों की नियुक्तियां की जा सके। 
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उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने अपने सभी कॉलेजों को गढ़वाल केंद्रीय विवि से हटा लिए हैं। अशासकीय महाविद्यालय भी इसके लिए दो-तीन माह में प्रस्ताव सरकार को भेजें। उन प्रस्तावों के आधार पर इन महाविद्यालयों को गढ़वाल विवि से असंबद्ध किया जाएगा।

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उसके बाद उन्हें श्रीदेव सुमन विवि से संबद्धता दिलाई जाएगी। बैठक से डीएवी सहित कई कॉलेजों के प्रबंधन ने लगातार दूसरी बार अनुपस्थिति दिखाई। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री ने नाराजगी जताई है।

शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की तुरंत करें भर्ती
अशासकीय महाविद्यालयों में खाली पड़े शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के पदों पर भी बैठक में शीघ्र भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सरकार ने छह माह का समय दिया है। उसके बाद भर्तियों पर रोक लगा दी जाएगी।

हरियाणा मॉडल पर काम कर रही सरकार
प्रदेश में अशासकीय महाविद्यालयों में बदलाव को लेकर सरकार हरियाणा के मॉडल पर काम कर रही है। हरियाणा में भी अशासकीय महाविद्यालयों को इसी तरह से सरकारी महाविद्यालयों में बदल दिया गया था। इसके लिए सरकार ने पहले कॉलेजों को कुछ शर्तों के साथ समय दिया था। उसके बाद कॉलेजों को अशासकीय से हटाकर सरकारी कर दिया था।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर जवाब की तैयारी
प्रदेश में चल रही असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर रोक लगने के बाद अब उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से उच्च न्यायालय में जवाब दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इसके लिए आयोग के साथ बैठक की जा रही है ताकि नया सत्र शुरू होने तक कॉलेजों को असिस्टेंट प्रोफेसर मिल सकें।
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