उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की लोअर पीसीएस प्री परीक्षा में 12 गलत सवालों पर 12 बोनस अंक देने पर उम्मीदवारों का विरोध लगातार जारी है। उनका कहना है कि जिस तरह से छह सवालों पर आपत्ति आने पर हाईकोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्री परीक्षा रद्द कर दी है, वैसे ही उत्तराखंड की यह प्री परीक्षा भी रद्द होनी चाहिए।
उम्मीदवार लगातार लोअर पीसीएस प्री परीक्षा में 12 बोनस अंकों का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि चार से पांच अंक तक तो ठीक है, लेकिन 12 अंक हर उम्मीदवार को देना सरासर गलत है। उनका कहना है कि प्रतियोगिता चयन का मूल आधार है लेकिन 12 अंकों पर कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। सभी इसे आसानी से प्राप्त कर लेते हैं। तो आठ प्रतिशत अंकों पर कोई प्रतिस्पर्धा नहीं रही।
परीक्षा रद्द न हो तो प्रत्येक प्रश्न के लिए दोनों खंडों में तय किया वेटेज
इसने समान खेल स्तर के मैदान के नियम को पहले ही तोड़ दिया है। उम्मीदवारों का यह भी कहना है कि उन 12 अंकों में किसी को 2-3 या किसी को 8-9 या 12 भी मिल सकते हैं लेकिन इस परीक्षा में सभी को 12 में से 12 अंक बिना किसी प्रतियोगिता के मिल रहे हैं।
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उन्होंने यह भी मांग की कि अगर परीक्षा रद्द न हो तो प्रत्येक प्रश्न के लिए दोनों खंडों में वेटेज तय किया जाना चाहिए। और दोनों का कुल योग कटऑफ होना चाहिए। कहा कि इन 12 प्रश्नों के अलावा भी सात प्रश्न ऐसे हैं जिनके विकल्प या तो गलत हैं या फिर दो से अधिक विकल्प सही हैं, पर आयोग ने इनका संज्ञान नहीं लिया है।
सेक्शन वेटेज भी बदला
उम्मीदवारों का कहना है कि लोअर पीसीएस प्री में जनरल स्टडीज के 100 और एप्टीट्यूड के 50 प्रश्न के आधार पर अंक मिलते हैं लेकिन रिवाइज आंसर की में जीएस के 89 और एप्टीट्यूट के 49 प्रश्न यानी 138 प्रश्नों के आधार पर परिणाम जारी किया है, जिस वजह से सेक्शनल वेटेज बदल गया है। गणित व बुद्धि परीक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों को लाभ मिला है।
इन प्रश्नों पर भी सवाल
सेट-ए में प्रश्न संख्या 116 में श्रव्य को आवाज माना गया है जबकि उम्मीदवारों का कहना है कि ध्वनि उचित उत्तर है। सवाल नंबर 119 में संख्याएं डिग्री की भांति लग रही हैं लेकिन प्रश्न को नहीं हटाया गया। सवाल नंबर 146 में विकल्प ए और डी दोनों ही हो सकते हैं और ऑप्शन डी ज्यादा एप्रोप्रिएट है, लेकिन बोनस न देकर इस पर नेगेटिव मार्किंग की गई है।
आयोग के पास शिकायतें आ रही हैं। सभी शिकायतों का संज्ञान लिया जा रहा है। आयोग इन शिकायतों पर मंथन करने के बाद नियमानुसार निर्णय लेगा।
-कर्मेन्द्र सिंह, सचिव, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग