शीशमबाड़ा स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र की चहारदीवार गिरने के मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने केंद्र के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया। पांच घंटे तक दून नगर निगम के कूड़ा वाहनों को रोके रखा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जनप्रतिनिधियों को शांत कराया।
बुधवार देर रात कूड़ाघर की चहारदीवारी का एक हिस्सा ध्वस्त हो जाने से भारी मात्रा में कूड़ा और लीचेट आसन नदी में चला गया था। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित चौधरी के नेतृत्व में स्थानीय जनप्रतिनिधि केंद्र के मुख्य द्वार पर इकठ्ठा हुए। यहां धरना देकर प्लांट प्रबंधन के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान कूड़ा लेकर आए वाहनों को भीतर जाने से भी रोक दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अविनाश खन्ना ने मौके पर पहुंचे। उन्होंने जनप्रतिनिधयों से बात की। कांग्रेस नेता अमित पवार ने आरोप लगाया कि केंद्र में इकट्ठा लीचेट को बारिश के पानी के साथ बहाने के लिए प्लांट प्रबंधन स्वयं दीवार को गिराया है। उन्होंने कहा कि हर दो तीन साल में कूड़ाघर की दीवार का गिरना संशय उत्पन्न करता है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि दीवार का शीघ्र निर्माण कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। विरोध प्रदर्शन करने वालों में सपना शर्मा, बीना बमरडा, कुसुम भट्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज पवार, अमित पवार, अशोक नेगी, दीपक कंडारी, निरंजन चौहान आदि मौजूद रहे।