फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिवार के साथ रहने की इच्छा भी रह गई अधूरी, एक जिद बन गई पीएसी जवान की मौत का कारण

Thu, 07 Sep 2017 09:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
46वीं वाहिनी पीएसी में तैनात कांस्टेबल की बिलासपुर में सड़क हादसे में मौत हो गई। पत्नी और बेटी के साथ रहने से पहले ही उनका साथ छूट गया। वहीं एक ज‌िद जवान की मौत का कारण बन गई।
विज्ञापन


दो साल से पत्नी और बेटी से अलग रहकर रुद्रपुर में नौकरी कर रहे अमित गिरि ने दो दिन पहले ही साथ रहने के लिए सिंह कॉलोनी गली नंबर 6 में किराये पर कमरा लिया था। परिवार के साथ रहने की तैयारी करने में उसका परिवार से ही साथ छूट गया। 

परिचितों ने बताया कि कमरा तय करने के बाद अमित की पत्नी रेखा दो दिन पहले कमरा देखने रुद्रपुर पहुंची थी। कमरा पसंद आने के बाद सामान लेने मुरादाबाद गई थी। वापसी के दौरान अमित ने उसे कहा था कि वह सामान पैक कर ले वह दो दिन बाद आएगा, लेकिन उससे पहले ही अमित सबको छोड़कर चला गया।
विज्ञापन


अमित गिरि अगर अपने दोस्त से कार चलाने की जिद नहीं करता तो शायद उसकी जान नहीं जाती। जानकारी के अनुसार मुरादाबाद के बाद बिलासपुर पहुंचने पर उसने कार चला रहे दोस्त से खुद ड्राइविंग करने की जिद की। दोस्त के मना करने के बावजूद उसने स्टेयरिंग संभाल लिया। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार की वजह से कार पलटी।
Trending Videos
विज्ञापन

पैतृक गांव में क‌िया अंत‌िम संस्कार

मूल रूप से फौजी मटकोटा निवासी अमित गिरी (35) रुद्रपुर स्थित 46वीं वाहिनी पीएसी में कांस्टेबल के पद पर तैनात था। अमित के पिता वीरेंद्र गिरि भी उत्तराखंड पुलिस में तैनात रहे हैं। वर्ष-2011 में वीरेंद्र गिरि ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद अमित को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी। 2012 में अमित का विवाह मुरादाबाद निवासी रेखा से हुआ था। बताया जा रहा है कि कुछ समय से रेखा अपनी चार साल की बेटी ऐना के साथ मायके मुरादाबाद में रह रही है। 

दो दिन पूर्व वह बच्चों के साथ अमित के पास आई थी। बुधवार को अमित रेखा को छोड़ने अपने दोस्त के साथ उसकी कार से मुरादाबाद गया था। मुरादाबाद से वापसी के दौरान बिलासपुर चीनी मिल के पास कार पलट गई और अमित उसके नीचे दब गया। बिलासपुर पुलिस उसे उपचार के लिए सरकारी अस्पताल ले गई जहां जांच के बाद डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे में कार सवार उसका दोस्त मामूली रूप से घायल हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शव बृहस्पतिवार दोपहर 46वीं वाहिनी लाया गया, जहां सहायक कमांडेंट कांतिबल्लभ पांडे, केवी पांडे, सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह सहित बटालियन के अन्य लोगों ने अमित को अंतिम सलामी दी। इसके बाद उसके पैतृक गांव फौजी मटकोटा में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें