देहरादून जिले के चाय बागानों को बचाने के लिए दिसंबर के दूसरे सप्ताह में मुख्यमंत्री आवास कूच किया जाएगा। साथ ही अब लगातार जनसंपर्क, धरना, प्रदर्शन, घेराव, गोष्ठी आयोजन आदि कार्यक्रम भी किए जाएंगे। विभिन्न संगठनों, मंचों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने दून के चाय बागानों को बचाने के लिए अहम निर्णय लिए हैं।
बुधवार को विभिन्न संगठनों की गांधी पार्क में हुई बैठक में मुख्य वक्ता केरल के पूर्व वन मंत्री एवं केंद्रीय सीपीआई नेता विनौय विश्वम ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का विकास मॉडल विनाशकारी है। कुदरत, जीव जंतुओं और गरीबों की उपेक्षा कर बना विकास माडल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार को मिलकर दून के चाय बागानों को विश्वस्तरीय बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह केंद्र सरकार से भी वार्ता करेंगे।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती, समर भंडारी, जगमोहन मेंदीरत्ता, रविंद्र जुगरान, चित्रा गुप्ता, जीत सिंह, पीसी थपलियाल, अशोक शर्मा, कमला पंत, निर्मला बिष्ट, राजीव कोठारी ने कहा कि प्रदेश सरकार चीन की कंपनी को परियोजना में 60 फीसदी हिस्सेदारी दे रही है, यह देश की सुरक्षा से समझौता है।
चीन भारत के प्रति न केवल अनुदार है, बल्कि शत्रु भाव भी रखता है। यही नहीं भारतीय सैन्य अकादमी का परिसर भी निकट है। इसलिए देश की एकता के लिए हम अंतिम सांस तक लड़ाई करेंगे।
शिव प्रसाद देवली, लेखराज, अभिनय नेगी, हिमांशु अरोड़ा, अशोक कटारिया, आनंद राणा, लियाकत हुसैन, वीरेंद्र भंडारी, वीरेंद्र दत्त, जगदीश राणा, पंकज कुकरेती, राजेंद्र पुरोहित, जगदीश कुकरेती, एसएस रजवार, चंपा कुमारी, हिमांशु अरोड़ा, कुलदीप मधवाल, ज्ञानवीर त्यागी ने कहा कि प्रदेश सरकार को हठधर्मिता छोड़कर चाय बागानों पर स्मार्ट सिटी योजना त्याग देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने स्मार्ट सिटी के बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक की है। इस अवसर पर रिटायर्ड सूबेदार डीएस धामी, कैप्टन सुरेंद्र नौटियाल ने कहा कि पूर्व सैनिक भी संघर्ष करेंगे। पार्वती, विमला, कृष्णा, विद्या, अनीता आदि बैठक में मौजूद रहे।
निकाला कैंडल मार्च
बुधवार को प्रेमनगर में चाय बागान बचाने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च प्रेमनगर गेट से प्रारंभ होकर हरबंसवाला, आरकेडिया, अंबीवाला चाय बागान होते हुए प्रेमनगर चौक पर संपन्न हुआ।
कैंडल मार्च जिला चाय बागान मजदूर सभा के पदाधकारियों व श्रमिकों के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनसमुदाय शामिल हुआ। सभी इसी मत के थे कि चाय बागान यहां की पहचान है। छात्रों, युवाओं के साथ किशोर व बच्चे भी कैंडल मार्च का हिस्सा रहे।
इस मौके पर अपने संबोधन में जिला चाय बागान मजदूर सभा की अध्यक्ष चित्रा गुप्ता, सचिव अशोक शर्मा व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिव प्रसाद देवली ने कहा कि चाय बागान को किसी भी दशा में बरबाद नहीं होने देंगे। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह केंद्र सरकार से पैकेज की मांग करे।
उन्होंने कहा कि चाय बागानों को कायम रखने के लिए दिल्ली तक संघर्ष किया जाएगा। इस मौके पर अशोक कटारिया, ईश्वर पाल शर्मा, वीरेंद्र दत्त, राजीव बिष्ट, चंपा कुमारी, सीमा देवी, छोटेलाल, सुरेंद्र नेगी, मुकेश शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए।
निकाले गए 59 श्रमिकों को काम पर रखा
आरकेडिया व हरबंसवाला चाय बागानों की स्वामी कंपनी डीटीसी इंडिया लिमिटेड ने नवंबर माह के अंत में निकाले गए 59 श्रमिकों को दोबारा काम पर रख लिया है। चाय बागान मजदूर सभा ने इसे श्रमिकों की बड़ी जीत बताते हुए प्रबंधन का आभार जताया है।
नवंबर माह के अंत में डीटीसी इंडिया लिमिटेड ने 59 अस्थायी श्रमिकों की सेवाएं समाप्त कर दी थी। इसके बाद से चाय बागान मजदूर सभा कंपनी से संघर्षरत थी। बुधवार को कंपनी के डायरेक्टर डीके सिंह ने बताया कि नवंबर माह में निकाले गए सभी श्रमिकों को काम पर रखा लिया गया है।
उन्होंने बताया कि यह सब मानवीय आधार पर किया गया है। कंपनी की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है, इसके बावजूद हमने यह कदम उठाया है। चाय बागान की स्थिति सुधारने व कार्य संस्कृति बेहतर करने के लिए 63 वर्ष से ऊपर की उम्र वाले श्रमिकों को सेवानिवृत्त करने का निर्णय लिया गया है।
लेकिन यह भी तय है कि कंपनी अवकाश प्राप्त श्रमिकों-कार्मिकों के हितों का ख्याल रखेगी। मजदूर सभा की अध्यक्ष चित्रा गुप्ता, अशोक शर्मा, अशोक कटारिया, चंपा कुमारी ने कहा कि यह जिला चाय बागान मजदूर सभा की बड़ी जीत है। हालांकि, प्रबंधन विशेषकर डायरेक्टर डीके सिंह और महाप्रबंधक एनके मिश्रा का रवैया सकारात्मक रहा।
देश की सुरक्षा के लिए बताया खतरा
हरबंसवाला, अंबीवाला, उम्मेदपुर के ग्रामीणों ने बुधवार को बैठक कर स्मार्ट सिटी का जोरदार विरोध किया। आरकेडिया ग्राम प्रधान सीमा देवी ने कहा कि स्मार्ट सिटी को चीन की कंपनी बनाएगी, इससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
जनप्रतिनिधि एम भारद्वाज, मंजीत सिंह, मुकेश शर्मा ने कहा कि यह देश की सुरक्षा का मामला है। ग्रामीण चीन का दखल बरदाश्त नहीं करेंगे। ग्राम्य समिति के छोटेलाल ने कहा कि ग्रामीण स्मार्ट सिटी विरोधी हैं।
नहीं बनने देंगे स्मार्ट सिटी
हरबंसवाला में आयोजित ग्रामीणों की बैठक में चाय बागानों में स्मार्ट सिटी बनाने के फैसले के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। सांसद प्रतिनिधि रतन सिंह चौहान ने कहा कि चीन की कंपनी को साठ फीसदी हिस्सेदारी देना देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के समान है। प्रदेश सरकार ने पूरी डील में भ्रष्टाचार किया है।
पूर्व प्रधान मनोहर लाल, जिला पंचायत सदस्य सविता चौहान ने कहा कि क्षेत्रवासी दलगत भावना से ऊपर उठकर लड़ाई लड़ेंगे। हम किसी भी दशा में स्मार्ट सिटी नहीं बनने देंगे। बैठक में राकेश कुमार, महेश कुमार, उर्मिला देवी, पद्मा देवी, महेंद्र कुमार, अमर सिंह, घनश्याम, जगदीश कुमार, अरुण कुमार आदि ने भी संकल्प लिया कि वे स्मार्ट सिटी व चाइनीज कंपनी का विरोध करेंगे।