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नृशंस हत्याओं से दहला हरिद्वार, सड़क पर आए लोग

Mon, 05 Oct 2015 08:05 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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शनिवार को देर रात हरिद्वार के शास्त्री नगर में हुए दोहरे नृशंस हत्याकांड के बाद अगले दिन ज्वालापुर की गुस्साई जनता सड़क पर उतर आई और पुलिस की नाक में दम कर दिया।
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दोहरे हत्याकांड से गुस्साई भीड़ ने रविवार सुबह कोतवाली ज्वालापुर के ठीक सामने हरिद्वार-ज्वालापुर मुख्य मार्ग जाम करने के बाद जमकर बवाल काटा। आक्रोशित भीड़ से पुलिस से जमकर धक्का मुक्की-नोंकझोंक हुई।

नगर विधायक मदन कौशिक की अगुवाई में कोतवाली कैंपस में आक्रोशित भीड़ धरने पर बैठ गई। करीब तीन घंटे तक चले बवाल के बाद आईजी गढ़वाल रेंज संजय गुंज्याल के आरोपियों के 24 घंटे में गिरफ्तारी, पांच-पांच लाख मुआवजा, परिवार के सदस्य के प्राइवेट नौकरी देने के आश्वासन पर भीड़ शांत हुई।
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इससे पहले दिन भर ज्वालापुर में बैचेनी का आलम रहा। शनिवार की रात शास्त्री नगर में भाजयुमो के मंडल उपाध्यक्ष कार्तिक शिवा, उसके दोस्त पंकज कुमार एवं बंटी उर्फ रोहित पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए गए थे। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने कार्तिक शिवा एवं पंकज को मृत घोषित कर दिया था जबकि रोहित को हायर सेंटर रेफर किया था।

हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप शास्त्री नगर मे एमके रेफ्रीजरेशन के स्वामी महेश मेहता, उसके पुत्र आशीष मेहता, छोटे बेटे चिन्नू, परिचित अरुण पुत्र छत्रपाल एवं सचिन पुत्र रमेश पर लगा था। मामूली विवाद में नृंशस हत्याकांड को अंजाम देने की बात सामने आई थी।
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पुलिस और स्‍थानीय लोगों में जमकर हुई धक्का-मुक्की

शनिवार को देर रात ही पुलिस ने आरोपी महेश मेहता को हिरासत में ले लिया था जबकि उसके पुत्र एवं अन्य दो आरोपी अब भी पकड़ से बाहर हैं। देर रात पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को सुबह छह बजे तक आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया था। लेकिन सुबह छह बजे तक गिरफ्तारी न होने पर क्षेत्रवासियों का गुस्सा फिर भड़क उठा।

नगर विधायक मदन कौशिक, मेयर मनोज गर्ग की अगुवाई में गुस्साई भीड़ ने कोतवाली के बाहर जाम लगा डाला। आला पुलिस अफसरान ने जब समझाना चाहा तब उनके साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई। भीड़ सड़क से उठकर कोतवाली कैंपस में धरने पर बैठ गई।

एडीएम जीवन चंद्र नग्रयाल, एसडीएम प्रत्यूष सिंह, एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर समेत अन्य पुलिसकर्मियों से भीड़ उलझती ही रही। हर किसी की जुबान पर आरोपियों की गिरफ्तारी न होने की ही बात थी। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की कोई सुनने को ही राजी नहीं हुआ।

करीब तीन घंटे तक बवाल के बाद आईजी गढ़वाल रेंज संजय गुंज्याल कोतवाली पहुंचे। कोतवाली कैंपस में ही भीड़ के संग धरने पर बैठे नगर विधायक मदन कौशिक की मौजूदगी में आईजी ने आरोपियों की गिरफ्तारी को एक सप्ताह का समय मांगा।

उन्होंने कहा कि मृतका के परिजन को उचित मुआवजा सरकार से दिलाया जाएगा और परिवार के एक सदस्य को प्राइवेट संस्थान में नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी लेते हैं। एक बारगी भीड़ ने हामी भर दी लेकिन चंद मिनट में ही एक सप्ताह के समय पर फिर से हंगामा खड़ा हो गया। तब आईजी ने 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, तब कही जाकर भीड़ का गुस्सा शांत हुआ। फिर भीड़ कोतवाली से हटती चली गई।
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