उसकी विचारधारा ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार हैै। उन्होंने अफसोस व्यक्त किया कि जिसको जेल में होना चाहिए था उसको भाजपा ने लोकसभा में बैठा रखा है।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राजेश शिवपुरी ने कहा कि जिसका जैसा विचार है वैसा ही व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि संघ के लोग ही इस प्रकार के विचार को फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त मानने वाले संसद में बैठे हैं। प्रज्ञा अकेली नहीं है।
सरकारी संरक्षण में गांधी जी का पुतला बनाकर सार्वजनिक रूप से गोली मारने वालों और गोडसे का मंदिर बनाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ है कि इस तरह के विचार को आगे बढ़ाया जा रहा है।