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साध्वी प्रज्ञा के गोडसे पर बयान के विरोध में उतरे लोग, लोकसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग

Fri, 29 Nov 2019 08:53 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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साध्वी प्रज्ञा - फोटो : फाइल फोटो
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भाजपा की लोकसभा सदस्य साध्वी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को लोकसभा में देशभक्त बताए जाने से गांधीवादियों के साथ ही समाज सभी वर्ग लोगों ने भर्त्सना की है। 

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श्री गंगासभा के पूर्व अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी बयान से खासे आहत हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष उसकी लोकसभा की सदस्यता समाप्त करनी चाहिए। उसने लोकसभा का ही नहीं पूरी दुनिया में भारत का अपमान किया है। गांधीवादी ने कहा कि भाजपा को तत्काल प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी से बाहर करना चाहिए। 

गांधीवादी विचारक पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त करार दिया है। उन्होंने कहा कि आरएसएस इस प्रकार के विचार को फैलाता है।
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उसकी विचारधारा ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार हैै। उन्होंने अफसोस व्यक्त किया कि जिसको जेल में होना चाहिए था उसको भाजपा ने लोकसभा में बैठा रखा है।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राजेश शिवपुरी ने कहा कि जिसका जैसा विचार है वैसा ही व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि संघ के लोग ही इस प्रकार के विचार को फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त मानने वाले संसद में बैठे हैं। प्रज्ञा अकेली नहीं है।

सरकारी संरक्षण में गांधी जी का पुतला बनाकर सार्वजनिक रूप से गोली मारने वालों और गोडसे का मंदिर बनाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ है कि इस तरह के विचार को आगे बढ़ाया जा रहा है। 
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