हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को सरोवर नगरी को जाम से निजात के प्लान पर अमल करने की कोशिश की तो बखेड़ा हो गया। प्रशासन ने पर्यटन वाहन नगर से बाहर रोक दिए। इसके विरोध में पर्यटन कारोबारी सड़क पर उतर आए।
सैकड़ों कारोबारियों ने तल्लीताल डांठ चौराहे पर सड़क पर बैठकर डेढ़ घंटे जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। कारोबारियों की यात्रियों और पर्यटकों से नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। दोपहर 11.44 बजे लगाया गया जाम एक बजकर दस मिनट पर खुल सका।
मंगलवार सुबह आठ बजे से पुलिस ने वाहनों को रूसी बाईपास और पाइंस पर रोकना शुरू किया। इससे नाराज होकर टैक्सी और होटल यूनियन से जुड़े कारोबारी तल्लीताल डांठ पर पहुंच गए। उन्होंने वहां जाम लगा दिया।
लोगों ने साइड से वाहन निकालने का प्रयास किया तो कारोबारी सामने खड़े हो गए। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वे सड़क पर बैठ गए। इससे भवाली और हल्द्वानी रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
रोडवेज की बसें जहां थीं वहीं खड़ी हो गईं। जाम के दौरान प्रदर्शनकारी और पर्यटकों में कई बार टकराव की नौबत आई। एडीएम हरबीर सिंह, एएसपी हरीश चंद्र सती, सीओ सिटी विजय थापा, एसएसआई बीसी मासीवाल समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
अधिकारियों ने व्यापारियों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन कारोबारी नहीं माने। कारोबारियों ने मांग रखी कि वाहनों को तब तक नगर में आने दिया जाए जब तक कि सभी पार्किंग फुल न हो जाए। इसके बाद अधिकारियों ने डीएम से बात की। कारोबारियों को आश्वासन दिया गया कि प्रशासन वाहनों को नगर में आने देगा, लेकिन इससे पहले वह जाम खोल दें।